अली लारीजानी की हत्या पर भड़का ईरान, कहा- 'हर बूंद का हिसाब होगा'
ईरान के शीर्ष नेता मोजतबा खामेनेई ने अली लारीजानी की हत्या पर कड़ा बयान देते हुए दोषियों को सजा देने और बदला लेने की चेतावनी दी है. इस घटना के बाद ईरान-इजरायल तनाव और बढ़ गया है, जिससे क्षेत्र में बड़े संघर्ष की आशंका तेज हो गई है.

ईरान में शीर्ष नेताओं पर लगातार हो रहे हमलों के बीच देश की सत्ता के केंद्र से एक कड़ा और स्पष्ट संदेश सामने आया है. सर्वोच्च नेतृत्व से जुड़े मोजतबा खामेनेई ने बयान जारी कर चेतावनी दी है कि ईरानी सुरक्षा प्रमुख अली लारीजानी की हत्या के जिम्मेदार लोगों को जल्द ही इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि इस घटना का बदला अवश्य लिया जाएगा.
बड़े टकराव की आशंका
यह बयान ऐसे समय आया है जब ईरान और इजरायल के बीच तनाव तेजी से बढ़ रहा है और पूरे क्षेत्र में अस्थिरता का माहौल बना हुआ है. हालात इतने गंभीर हो चुके हैं कि किसी बड़े टकराव की आशंका लगातार जताई जा रही है.
दरअसल, सरकार द्वारा लारीजानी की हत्या की पुष्टि किए जाने के एक दिन बाद यह प्रतिक्रिया सामने आई. खामेनेई ने इस घटना पर गहरा दुख जताया. उन्होंने लारीजानी को एक दूरदर्शी, प्रतिबद्ध और प्रभावशाली व्यक्तित्व बताया, जिनका देश की राजनीतिक व्यवस्था में अहम योगदान रहा है.
अपने बयान में खामेनेई ने यह भी कहा कि किसी महत्वपूर्ण व्यक्ति की हत्या यह दिखाती है कि विरोधी ताकतें उनसे कितनी नफरत करती हैं. उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसे हमलों से ईरान की व्यवस्था कमजोर नहीं होगी, बल्कि और मजबूत बनेगी. उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि “हर खून की एक कीमत होती है” और यह कीमत दोषियों को चुकानी ही पड़ेगी.
इस पूरे घटनाक्रम से यह संकेत मिलता है कि ईरान अब इस मामले को लेकर कड़ा रुख अपनाने की तैयारी में है. इससे पहले भी ईरानी नेतृत्व कई बार सख्त जवाब देने की बात कह चुका है, जिससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है. हाल के दिनों में कई प्रमुख नेताओं को निशाना बनाए जाने की घटनाओं ने देश की सुरक्षा और राजनीतिक ढांचे को झकझोर दिया है.
विशेषज्ञों का क्या मानना है?
विशेषज्ञों का मानना है कि ये हमले सोची-समझी रणनीति के तहत किए जा रहे हैं, जिनका उद्देश्य ईरान के नेतृत्व को कमजोर करना हो सकता है. इस घटना पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं. रूस समेत कई देशों ने इस तरह की घटनाओं की निंदा करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया है.


