समंदर में बढ़ा खौफ! एक जहाज डूबा, दूसरे को संदिग्ध लोग ले गए ईरान की ओर
होर्मुज स्ट्रेट और ओमान तट के पास बढ़ते तनाव के बीच फुजैराह के करीब एक जहाज को संदिग्ध लोगों ने कब्जे में ले लिया, जबकि भारतीय जहाज ‘हाजी अली’ ड्रोन हमले के बाद समुद्र में डूब गया. राहत की बात यह रही कि दोनों घटनाओं में भारतीय नाविक सुरक्षित बचा लिए गए॥

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच समुद्री सुरक्षा को लेकर एक और बड़ी घटना सामने आई है. ब्रिटेन की समुद्री सुरक्षा एजेंसी यूनाइटेड किंगडम समुद्री व्यापार संचालन ने गुरुवार को जानकारी दी कि संयुक्त अरब अमीरात के फुजैराह बंदरगाह के पास एक जहाज पर अनधिकृत लोगों ने कब्जा कर लिया है. एजेंसी के मुताबिक, यह जहाज फुजैराह पोर्ट से करीब 38 नॉटिकल मील उत्तर-पूर्व दिशा में लंगर डाले खड़ा था, तभी कुछ संदिग्ध लोग उसमें घुस गए और अब उसे ईरानी समुद्री क्षेत्र की ओर ले जाया जा रहा है.
जहाज के नाम को लेकर नहीं कोई जानकारी
हालांकि, जहाज का नाम और उस पर सवार लोगों की संख्या को लेकर फिलहाल कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है. यह घटना ऐसे समय में हुई है जब होर्मुज स्ट्रेट और ओमान तट के आसपास लगातार समुद्री हमलों और तनाव की घटनाएं सामने आ रही हैं.
इसी बीच भारत ने भी ओमान तट के पास भारतीय ध्वज वाले जहाज पर हुए हमले को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया दी है. विदेश मंत्रालय ने कहा कि व्यापारिक जहाजों और आम नागरिक नाविकों को निशाना बनाना पूरी तरह अस्वीकार्य है. मंत्रालय ने बताया कि जहाज पर मौजूद सभी भारतीय चालक दल के सदस्य सुरक्षित हैं और मामले पर लगातार नजर रखी जा रही है.
हाजी अली जहाज हमले का शिकार
दरअसल, गुजरात के सलाया पोर्ट में पंजीकृत भारतीय कार्गो जहाज ‘हाजी अली’ बुधवार को ओमान तट के पास संदिग्ध ड्रोन या मिसाइल हमले का शिकार हो गया था. यह जहाज सोमालिया से शारजाह जा रहा था और उसमें मवेशी लदे हुए थे. रिपोर्ट्स के मुताबिक, तड़के करीब साढ़े तीन बजे जहाज जब ओमान के उत्तरी तट के पास लीमा इलाके से गुजर रहा था, तभी उस पर विस्फोटक हमला हुआ. हमले के बाद जहाज में आग लग गई और कुछ ही देर में वह समुद्र में डूब गया.
घटना के तुरंत बाद चालक दल ने संकट संदेश भेजा और लाइफबोट के जरिए जहाज खाली कर दिया. जहाज पर मौजूद सभी 14 भारतीय नाविकों को ओमान कोस्ट गार्ड ने सुरक्षित बचा लिया और डीबा पोर्ट पहुंचाया. जहाज के मालिक सुल्तान अहमद संघार ने भी सभी नाविकों के सुरक्षित होने की पुष्टि की है. हालांकि अब तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि हमला किसने किया.
चीनी सुपरटैंकर ने पार किया होर्मुज स्ट्रेट
उधर, क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच एक चीनी सुपरटैंकर ‘युआन हुआ हू’ ने भी होर्मुज स्ट्रेट पार किया है. जहाज ट्रैकिंग एजेंसियों के अनुसार, यह टैंकर दो महीने से अधिक समय तक खाड़ी क्षेत्र में फंसा हुआ था. यह वही संवेदनशील इलाका है जहां अमेरिकी नौसेना ईरानी गतिविधियों पर कड़ी नजर रखे हुए है.
विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी संघर्ष के कारण पूरे पश्चिम एशिया में समुद्री मार्गों पर खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है. इसका असर वैश्विक व्यापार, तेल आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा पर भी साफ दिखाई देने लगा है.


