Afghan Refugees: पड़ोसी देश पाकिस्तान ने एक बार फिर अफगान शरणार्थियों पर सख्ती दिखाते हुए बड़े पैमाने पर निर्वासन की कार्रवाई की है. रिपोर्ट के मुताबिक, बलूचिस्तान प्रांत में स्थित 10 शरणार्थी शिविरों को बंद कर दिया गया है और करीब 85,000 अफगान नागरिकों को जबरन उनके देश वापस भेजा गया है. यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ा हुआ है.
बलूचिस्तान की राजधानी क्वेटा में मंगलवार को 3,888 अफगान शरणार्थियों को अवैध ठहराते हुए गिरफ्तार किया गया. रिपोर्ट के अनुसार, सरकार की यह मुहिम शरणार्थियों को सीमापार भेजने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है, जो हाल के महीनों में तेज़ हुई है. क्वेटा और अन्य इलाकों में अब अफगान प्रवासी डर के माहौल में जी रहे हैं. कई प्रवासियों ने बताया कि वे दिन-रात घरों में छिपे रहते हैं, क्योंकि उन्हें बाहर निकलने पर गिरफ्तार होने का डर है.
हालांकि, पाकिस्तान सरकार का कहना है कि वह अफगान नागरिकों को सम्मानपूर्वक उनके देश वापस भेज रही है. पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा मुहम्मद आसिफ और खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी ने यह स्पष्ट किया कि शरणार्थियों की वापसी के दौरान उनके साथ उचित व्यवहार किया जाएगा. आसिफ ने कहा कि जिस तरह हमने शरण देते समय सम्मान दिखाया, उसी तरह उन्हें सम्मान के साथ वापस भेजा जाएगा.
दूसरी ओर, पंजाब प्रांत में भी अफगान शरणार्थियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई है. यहां के अंतिम शिविर को बंद कर दिया गया है और करीब 22,000 अफगान नागरिकों को निर्वासित किया गया है. पंजाब पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई तीन चरणों में पूरी की गई. इनमें से 6,000 लोगों के पास निवास प्रमाण-पत्र थे, 11,000 के पास अफगान नागरिक कार्ड थे, जबकि 5,000 से अधिक लोग अवैध रूप से रह रहे थे.
फिलहाल, 423 शरणार्थियों को हिरासत केंद्रों में रखा गया है, जहां से उन्हें जल्द ही अफगानिस्तान भेजा जाएगा. First Updated : Wednesday, 22 October 2025