नई दिल्ली: पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने अफगानिस्तान से हुए ड्रोन हमले का ठीकरा भारत पर फोड़ दिया है। बीते हफ्ते अफगान तालिबान की सेना ने पाकिस्तान के दो प्रांतों में आईएसआईएस के ठिकानों को ड्रोन से निशाना बनाया था। तालिबान के सटीक हमलों से पाकिस्तानी सेना और सरकार दोनों हैरान हैं। अब पाकिस्तान कह रहा है कि भारत ने अफगानिस्तान में दवाई के डिब्बों में छुपाकर ड्रोन भेजे और फिर उन्हीं का इस्तेमाल पाकिस्तान के खिलाफ हुआ।
एक कार्यक्रम में पत्रकार अबसार आलम ने ख्वाजा आसिफ से पूछा कि भारत के मेडिसिन की आड़ में अफगानिस्तान को ड्रोन भेजने की बात में कितनी सच्चाई है। इस पर आसिफ बोले, "इसमें सौ फीसदी सच्चाई हो सकती है। मुझे शक नहीं है। मैं तो कहता हूं कि वो छुपाकर नहीं, खुलेआम अफगानिस्तान में हथियार भेज रहे होंगे।"
पाकिस्तानियों ने अफगान ड्रोन हमले को भारत से जोड़ने के लिए एक कहानी गढ़ ली है। दरअसल बीते हफ्ते भारत ने मानवीय सहायता के तहत अफगानिस्तान को 5 टन दवाएं भेजी थीं। भारत पहले भी जरूरत पड़ने पर अफगानिस्तान को दवाएं भेजता रहा है। इसी कड़ी में पिछली खेप गई थी।
भारत के दवा भेजने के ठीक एक दिन बाद गुरुवार को खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान में आईएसआईएस के आतंकी कैंपों पर ड्रोन हमले हो गए। बस यहीं से पाकिस्तान ने दवा और ड्रोन अटैक को जोड़ दिया। उनका तर्क है कि तालिबान ने उनकी जमीन पर हमले के लिए भारत से दवाओं के साथ ड्रोन मंगवाए थे।
पाकिस्तान की एयरफोर्स ने पिछले कुछ हफ्तों में अफगानिस्तान में लगातार हमले किए हैं। पाक आर्मी ने काबुल और कंधार समेत कई शहरों में बमबारी की। इस पर अफगान तालिबान ने मजबूती से जवाब दिया। बॉर्डर पर गोलीबारी के बाद तालिबान ने पाकिस्तान पर ड्रोन से हमले किए। अपनी गलती मानने की बजाय पाकिस्तान ने भारत पर आरोप लगा दिया।
खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान में कई सशस्त्र विद्रोही गुट सक्रिय हैं। दोनों प्रांतों में पाक सेना और अफसरों पर हमले होते रहते हैं। इन गुटों का कहना है कि उनके संसाधन लूटे जा रहे हैं और लोगों पर जुल्म हो रहा है। इसलिए वे सेना के खिलाफ लड़ रहे हैं। लेकिन पाक सरकार हर बार इन गुटों को भारत से मदद मिलने का आरोप लगाकर पल्ला झाड़ लेती है। First Updated : Friday, 26 June 2026