नई दिल्ली: पाकिस्तान में शनिवार सुबह आए 5.4 तीव्रता के भूकंप ने कई इलाकों में लोगों को दहशत में डाल दिया. झटके इतने तेज थे कि लोग घरों और इमारतों से बाहर निकल आए. राहत की बात यह रही कि शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक किसी तरह के जान-माल के नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है. हालांकि प्रशासन और भूकंप विशेषज्ञ पूरे इलाके पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और आफ्टरशॉक्स की संभावना को देखते हुए निगरानी जारी है. भूकंप का केंद्र बलूचिस्तान के मूसा खेल जिले के पास, डेरा गाजी खान से लगभग 102 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में स्थित था.
भूकंप स्थानीय समय के अनुसार सुबह 8:06 बजे आया. यूरोपीय-भूमध्यसागरीय भूकंपीय केंद्र (EMSC) ने इसकी तीव्रता 5.4 दर्ज की और शुरुआती अनुमान में इसकी गहराई 35 किलोमीटर बताई. बाद में अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) ने इसकी गहराई करीब 10 किलोमीटर आंकी. विशेषज्ञों का कहना है कि शुरुआती चरण में अलग-अलग एजेंसियों के आंकड़ों में कुछ अंतर होना सामान्य बात है. इस घटना की पुष्टि जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर जियोसाइंसेज (GFZ) और रास्पबेरी शेक सिटिजन सीस्मोग्राफ नेटवर्क ने भी की है.
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, भूकंप का केंद्र 30.4545 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 69.6859 डिग्री पूर्वी देशांतर पर दर्ज किया गया. इस घटना को 68 भूकंपीय स्टेशनों ने रिकॉर्ड किया. संशोधित मरकली तीव्रता पैमाने पर भूकंप के केंद्र के आसपास कंपन की तीव्रता VI यानी 'तीव्र' श्रेणी तक पहुंची. विशेषज्ञों का कहना है कि जैसे-जैसे और आंकड़े सामने आएंगे, भूकंप की गहराई, तीव्रता और केंद्र की स्थिति को और अधिक सटीक तरीके से अपडेट किया जा सकता है.
भूकंप के झटके बलूचिस्तान और पंजाब के कई हिस्सों में महसूस किए गए. बरखान, ताउन्सा, कोहलू, डेरा गाजी खान, झोब, कोट अड्डू और लय्या सहित कई शहरों और कस्बों के लोगों ने कंपन महसूस होने की जानकारी दी. भूकंप के केंद्र के करीब रहने वाले लोगों को झटके अधिक तेज महसूस हुए, जबकि दूर-दराज के इलाकों में कंपन हल्का लेकिन स्पष्ट रूप से महसूस किया गया.
अब तक मिली जानकारी के अनुसार, भूकंप से किसी व्यक्ति की मौत, घायल होने या बड़े पैमाने पर संपत्ति के नुकसान की कोई पुष्टि नहीं हुई है. स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें दूरदराज के इलाकों का भी लगातार आकलन कर रही हैं, क्योंकि ऐसे क्षेत्रों से जानकारी आने में सामान्यतः अधिक समय लगता है. अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी भवन में दरार या अन्य नुकसान दिखाई दे तो तुरंत प्रशासन को इसकी सूचना दें और किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें.
पाकिस्तान दुनिया के उन देशों में शामिल है जहां भूकंप का खतरा अपेक्षाकृत अधिक रहता है. इसकी मुख्य वजह यह है कि यह भारतीय और यूरेशियन विवर्तनिक प्लेटों के संगम क्षेत्र में स्थित है. भारतीय प्लेट लगातार उत्तर की ओर बढ़ रही है और यूरेशियन प्लेट से टकरा रही है. इसी कारण कई सक्रिय फॉल्ट लाइनों पर दबाव बनता रहता है, जो समय-समय पर भूकंप का रूप ले लेता है. बलूचिस्तान, खैबर पख्तूनख्वा, गिलगित-बाल्टिस्तान और उत्तरी पंजाब के कई इलाके इसी वजह से अक्सर भूकंपीय गतिविधियों का सामना करते हैं. अधिकांश भूकंप मध्यम तीव्रता के होते हैं, लेकिन अतीत में कई बड़े भूकंप भारी तबाही भी ला चुके हैं.
शनिवार को आए भूकंप के बाद विशेषज्ञ संभावित आफ्टरशॉक्स की संभावना से इनकार नहीं कर रहे हैं. फिलहाल किसी बड़े झटके की सूचना नहीं मिली है, लेकिन भूकंप के बाद धरती की परतों में होने वाले बदलाव के कारण हल्के झटके महसूस हो सकते हैं. इसी को ध्यान में रखते हुए अधिकारियों ने लोगों को सतर्क रहने, इमारतों की स्थिति पर नजर रखने और किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है. First Updated : Saturday, 27 June 2026