Pakistan Hangor submarine: पाकिस्तान ने अपनी नई डीजल-इलेक्ट्रिक हंगोर पनडुब्बी को लॉन्च कर दिया है, जिसे चीन ने विशेष रूप से पाकिस्तान के लिए तैयार किया है. यह पनडुब्बी चीन के वुहान शहर में चाइना शिपबिल्डिंग इंडस्ट्री कॉरपोरेशन के शिपवर्क्स में तैयार की गई और चीनी सरकारी मीडिया के अनुसार, इसे यांग्त्ज़ी नदी पर लॉन्च किया गया. इस पनडुब्बी को पाकिस्तान और चीन के बीच हुए समझौते के तहत बनाया गया है, जिसमें पाकिस्तान ने आठ हंगोर श्रेणी की पनडुब्बियां खरीदने का अनुबंध किया है. इन पनडुब्बियों में से चार चीन में बनाई जाएंगी, जबकि शेष चार पाकिस्तान के कराची में बनाए जाएंगे.
हंगोर पनडुब्बी चीन की 039A पनडुब्बी का निर्यात संस्करण है, जिसमें 38 सदस्यीय चालक दल और विशेष बलों के सैनिकों के लिए आठ स्थान हैं. इसके अलावा, इसमें टॉरपीडो और एंटी-शिप मिसाइलों जैसे अत्याधुनिक हथियार भी लगे हैं, जो इसे समुद्र में दुश्मन के खिलाफ प्रभावी बनाते हैं. पाकिस्तान का मानना है कि यह पनडुब्बी क्षेत्र में शक्ति संतुलन को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी.
भारत के लिए यह पनडुब्बी कितनी चिंता का विषय हो सकती है, इस पर विशेषज्ञों का कहना है कि भले ही यह पनडुब्बी पाकिस्तान की सैन्य शक्ति में इजाफा करती है, लेकिन भारत के पास पाकिस्तान से कहीं अधिक मजबूत सैन्य ताकत है. भारत के पास राफेल जैसे अत्याधुनिक फाइटर जेट्स और परमाणु ऊर्जा से चलने वाली आईएनएस अरिघात जैसी बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बी हैं. इन उपकरणों के साथ भारत पाकिस्तान को जरूरत पड़ने पर पराजित करने में सक्षम है.
पाकिस्तान की सैन्य मदद के मामले में चीन महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है. यूरोपीय देशों द्वारा सैन्य प्रौद्योगिकी पर प्रतिबंध लगाए जाने के बाद, चीन ने पाकिस्तान को सैन्य उपकरणों की आपूर्ति में अपना प्रमुख सहयोगी बना लिया है. पाकिस्तान और चीन के बीच सैन्य संबंध अब और भी मजबूत हो गए हैं, और हंगोर पनडुब्बी परियोजना इस मैत्री का नया उदाहरण है. पाकिस्तानी नौसेना के उप-प्रमुख वाइस एडमिरल ओवैस अहमद बिलग्रामी ने इस परियोजना को पाकिस्तान-चीन के सामरिक संबंधों को और मजबूत करने वाला बताया है. First Updated : Sunday, 16 March 2025