नई दिल्लीः पाकिस्तान की सेना ने भारत की सीमा से सटे इलाकों में बड़े पैमाने पर एंटी-टैंक ड्रोन अभ्यास किया है. यह सैन्य अभ्यास खेतों और खुले इलाकों में आयोजित किया गया, जहां आधुनिक ड्रोन तकनीक के जरिए टैंकों जैसे बख्तरबंद वाहनों को निशाना बनाने की तैयारी को परखा गया. इस अहम अभ्यास को देखने के लिए खुद पाकिस्तान के चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज (CDF) जनरल असीम मुनीर मौके पर मौजूद रहे. उनकी मौजूदगी ने इस अभ्यास को और भी महत्वपूर्ण बना दिया है.
एंटी-टैंक ड्रोन एक्सरसाइज से जुड़े कुछ वीडियो भी सामने आए हैं, जिनमें असीम मुनीर अपने वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों के साथ अभ्यास को बेहद गंभीरता से देखते नजर आ रहे हैं. इन दृश्यों से साफ है कि पाकिस्तान की सेना आधुनिक युद्ध तकनीकों पर खास ध्यान दे रही है. ड्रोन के माध्यम से बख्तरबंद वाहनों को सटीक तरीके से निशाना बनाना आज के युद्ध का अहम हिस्सा माना जाता है. ऐसे में भारत की सीमा के करीब इस तरह का अभ्यास कई सवाल खड़े कर रहा है.
ड्रोन अभ्यास से एक दिन पहले असीम मुनीर ने पंजाब प्रांत के दो अहम सैन्य क्षेत्रों गुजरांवाला और सियालको की छावनियों का दौरा किया था. ये दोनों शहर भारत की सीमा के काफी नजदीक स्थित हैं. दौरे के दौरान उन्होंने सेना की युद्ध तैयारियों का जायजा लिया और जवानों को आधुनिक युद्ध के लिए पूरी तरह तैयार रहने का संदेश दिया. मुनीर ने कहा कि आज के समय में युद्ध केवल संख्या से नहीं, बल्कि सटीक जानकारी और तकनीकी श्रेष्ठता से जीता जाता है.
भारत और पाकिस्तान के रिश्ते लंबे समय से तनावपूर्ण रहे हैं. ऐसे माहौल में असीम मुनीर का लगातार सीमा से सटे इलाकों में मौजूद रहना और सैन्य अभ्यासों की निगरानी करना संदेह को जन्म देता है. खासकर यह गतिविधियां इस साल मई के बाद तेज हुई हैं. मई में दोनों देशों के बीच चार दिन तक चली सीमित झड़प के बाद पाकिस्तान की ओर से सीमा के पास सैन्य गतिविधियों में इजाफा देखा जा रहा है.
चार दिन की उस झड़प के बाद से पाकिस्तानी सेना ने सीमा सुरक्षा और युद्ध तैयारियों पर ज्यादा ध्यान देना शुरू किया है. रविवार को हुआ ड्रोन अभ्यास भी इसी बदली रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है. इससे यह संकेत मिलता है कि पाकिस्तान आधुनिक हथियारों और तकनीक के जरिए अपनी सैन्य क्षमता को मजबूत करने की कोशिश कर रहा है, खासकर भारत को ध्यान में रखते हुए.
हाल ही में असीम मुनीर को पाकिस्तान का चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज नियुक्त किया गया है. इस पद पर पहुंचने के बाद उनकी ताकत और प्रभाव पहले से कहीं अधिक बढ़ गया है. CDF बनने के बाद वह ज्यादा सक्रिय नजर आ रहे हैं और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर खुलकर बयान दे रहे हैं. अफगानिस्तान और भारत को लेकर उनके बयान अक्सर सख्त और आक्रामक रहे हैं.
असीम मुनीर कई बार भारत को लेकर तीखे बयान दे चुके हैं. उनके कुछ भाषणों में परमाणु हथियारों के इस्तेमाल का जिक्र भी सामने आया है. उन्होंने यह चेतावनी दी है कि अगर पाकिस्तान पर हमला हुआ तो जवाब बेहद कड़ा होगा और उसका असर विनाशकारी हो सकता है. ऐसे बयानों और हालिया सैन्य गतिविधियों ने क्षेत्र में तनाव को और बढ़ा दिया है.
भारत की सीमा के पास किए गए ड्रोन अभ्यास, छावनियों का निरीक्षण और सख्त राजनीतिक बयान इन सबको मिलाकर देखा जाए तो दक्षिण एशिया की सुरक्षा स्थिति को लेकर चिंता गहराती नजर आती है. आने वाले समय में इन गतिविधियों का क्षेत्रीय स्थिरता पर क्या असर पड़ेगा, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं.
First Updated : Monday, 15 December 2025