एक और युद्ध की तैयारी कर रहा भारत...पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी का बड़ा दावा

दक्षिण एशिया में बढ़ते रणनीतिक तनाव के बीच पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने एक बड़ा बयान जारी किया है. जरदारी ने भारत पर आरोप लगाया कि वह क्षेत्र में एक नए युद्ध की तैयारी कर रहा है. विपक्ष के हंगामे के बीच उन्होंने चेतावनी दी कि सीमा पार से होने वाले आतंकी हमलों को पाकिस्तान अब और बर्दाश्त नहीं करेगा.

Utsav Singh
Edited By: Utsav Singh

नई दिल्ली : दक्षिण एशिया में बढ़ते रणनीतिक तनाव के बीच पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने एक बड़ा बयान जारी किया है. सोमवार को संसद के संयुक्त सत्र में दिए गए उनके संबोधन ने कूटनीतिक हलकों में हलचल पैदा कर दी है. जरदारी ने भारत पर आरोप लगाया कि वह क्षेत्र में एक नए युद्ध की तैयारी कर रहा है. विपक्ष के हंगामे के बीच उन्होंने चेतावनी दी कि सीमा पार से होने वाले आतंकी हमलों को पाकिस्तान अब और बर्दाश्त नहीं करेगा.

भारत को शांति का संदेश

आपको बता दें कि जरदारी ने दावा किया कि भारत के नेता इन दिनों खुले तौर पर युद्ध की भाषा बोल रहे हैं. जो क्षेत्रीय स्थिरता के लिए घातक है. उन्होंने खुद को शांति का पैरोकार बताते हुए कहा कि वे युद्ध के रास्ते की सिफारिश कभी नहीं करेंगे. जरदारी ने भारत को स्पष्ट संदेश दिया कि वे सार्थक और शांतिपूर्ण बातचीत के लिए तैयार हैं. उनके अनुसार. दक्षिण एशिया में सुरक्षा की समस्याओं का समाधान केवल संवाद की मेज पर बैठकर ही निकाला जा सकता है.

अफगानिस्तान पर सख्त रुख

अफगानिस्तान की सीमा से होने वाले हमलों पर जरदारी ने कड़ी नाराजगी जताई. उन्होंने अफगान नेतृत्व पर आरोप लगाया कि वे दोहा समझौते की शर्तों का पालन नहीं कर रहे हैं. जरदारी के मुताबिक. तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान और बीएलए जैसे आतंकी गुटों को अफगान धरती से मदद मिल रही है. उन्होंने साफ कहा कि पाकिस्तान की सहनशीलता अब जवाब दे चुकी है. किसी भी बाहरी या घरेलू ताकत को पाकिस्तान की शांति भंग करने की छूट नहीं दी जाएगी.

ईरान के प्रति एकजुटता

राष्ट्रपति जरदारी ने ईरान के खिलाफ हो रही हालिया सैन्य कार्रवाइयों की कड़े शब्दों में निंदा की. उन्होंने ईरान की संप्रभुता को अटूट बताते हुए अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत पर शोक प्रकट किया. जरदारी ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर ईरान का समर्थन करने की बात कही और उसे एक अहम पड़ोसी बताया. उनके अनुसार. ईरान पर हमला केवल एक देश पर नहीं. बल्कि क्षेत्रीय सुरक्षा पर हमला है. पाकिस्तान इस मुश्किल वक्त में ईरान के साथ खड़ा रहेगा.

पाकिस्तान के कुछ हिस्सों में हिंसक विरोध प्रदर्शन

ईरान के सर्वोच्च नेता की हत्या के बाद पाकिस्तान के कुछ हिस्सों में हिंसक विरोध प्रदर्शन भड़क उठे हैं. गिलगित-बाल्टिस्तान के स्कर्दू इलाके में स्थिति इतनी बिगड़ गई कि वहां सेना तैनात करनी पड़ी. प्रशासन ने बिगड़ते हालात को देखते हुए तीन दिनों के लिए पूर्ण कर्फ्यू लगा दिया है. सरकार प्रदर्शनकारियों को शांत करने की कोशिश कर रही है. यह आंतरिक संकट पाकिस्तान के लिए एक नई और गंभीर सुरक्षा चुनौती पेश कर रहा है जो सीधे अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों से जुड़ा है.

संवाद का कूटनीतिक मार्ग

अपने संबोधन के अंत में जरदारी ने क्षेत्र के सभी देशों से युद्ध के माहौल को त्यागने की अपील की. उन्होंने दोहराया कि संवाद ही एकमात्र रास्ता है जो खुशहाली ला सकता है. पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा पर जारी हालिया झड़पों को लेकर भी उन्होंने चिंता जताई और शांति की उम्मीद की. जरदारी का मानना है कि दक्षिण एशिया में शांति बहाली के लिए पड़ोसी देशों को एक-दूसरे की संप्रभुता का सम्मान करना होगा. विकास के लिए शांति का वातावरण बेहद जरूरी है.

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