Pakistan Train Hijack: पाकिस्तान के बलूचिस्तान में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है. बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने पाकिस्तान की जाफर एक्सप्रेस ट्रेन का अपहरण कर लिया और उसमें सवार 120 यात्रियों को बंधक बना लिया. इन बंधकों में पाकिस्तानी सेना, पुलिस और आईएसआई के कर्मचारी शामिल हैं. यह घटनाक्रम पाकिस्तान सरकार और बलूच विद्रोहियों के बीच बढ़ते तनाव को और बढ़ा सकता है.
बलूच लिबरेशन आर्मी ने इस अपहरण की जिम्मेदारी ली और बताया कि बंधकों में पाकिस्तानी सेना, पुलिस, आतंकवाद निरोधक बल (ATF), और इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (ISI) के कर्मचारी शामिल हैं. ये सभी कर्मचारी छुट्टी पर जा रहे थे. बीएलए ने यह भी कहा कि इस ऑपरेशन के दौरान, वे महिलाओं, बच्चों और बलूच यात्रियों को छोड़ने में सफल रहे हैं.
बीएलए ने पाकिस्तान की सेना को चेतावनी दी कि यदि सेना ने किसी प्रकार की सैन्य कार्रवाई करने की कोशिश की, तो वे सभी बंधकों को मार देंगे. बीएलए ने यह भी साफ किया कि इस ऑपरेशन को उनके स्वतंत्रता सेनानियों ने बड़े पैमाने पर योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दिया. उनका कहना था कि सेना के किसी भी हस्तक्षेप का जवाब उसी अंदाज में दिया जाएगा.
घटना के बाद पाकिस्तानी सेना ने राहत भेजने के लिए क्वेटा रेलवे स्टेशन से सैनिकों और डॉक्टरों को लेकर एक विशेष ट्रेन भेजी. इस ट्रेन में एंबुलेंस और राहत सामग्री भी भेजी गई थी. लेकिन, इस पूरे घटनाक्रम के बाद सेना के अंदर कोई भी सैन्य हस्तक्षेप की ओर बढ़ने के संकेत नहीं मिले हैं, जो स्थिति को और तनावपूर्ण बना रहा है.
बीएलए के प्रवक्ता ने कहा कि अब तक इस हमले में छह पाकिस्तानी सैनिक मारे गए हैं, और सैकड़ों यात्री अब भी बीएलए की हिरासत में हैं. उन्होंने यह भी कहा कि बलूच लिबरेशन आर्मी इस ऑपरेशन की पूरी जिम्मेदारी लेती है और किसी भी सैन्य हस्तक्षेप के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की धमकी दी है. यह घटना पाकिस्तान में सुरक्षा और राजनीतिक संकट को और बढ़ा सकती है.
बलूचिस्तान में चल रहे संघर्ष ने फिर से यह साबित कर दिया कि बीएलए जैसे विद्रोही समूह सरकार की सत्ता को चुनौती देने के लिए तैयार हैं. इस घटना के बाद पाकिस्तान की सेना और सरकार को अपनी रणनीति पर पुनः विचार करने की आवश्यकता हो सकती है. यह अपहरण पाकिस्तान के अंदर चल रहे विद्रोह और असंतोष को उजागर करता है. अब देखना यह है कि पाकिस्तानी सरकार इस संकट से निपटने के लिए क्या कदम उठाती है. First Updated : Tuesday, 11 March 2025