रूस के सुदूर पूर्व में स्थित क्लुचेव्स्काया ज्वालामुखी में बुधवार को अचानक विस्फोट हुआ. रूसी भूभौतिकीय सर्वेक्षण ने इसकी पुष्टि करते हुए टेलीग्राम पर जानकारी दी कि ज्वालामुखी में लावा तेजी से बह रहा है और चमकीली ज्वाला दिखाई दे रही है. तस्वीरों में दिखा कि पश्चिमी ढलान से लाल गर्म लावा नीचे की ओर बह रहा है और आसमान में विस्फोट की चमक भी दिखाई दी.
भूकंप के कुछ घंटों बाद फटा ज्वालामुखी
इस ज्वालामुखी विस्फोट से कुछ घंटे पहले ही रूस के सुदूर पूर्व क्षेत्र में 8.8 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया था. यह भूकंप इतना तेज था कि प्रशांत महासागर, जापान, और अमेरिका के हवाई द्वीप में सुनामी की लहरें उठ गईं. यह भूकंप वर्ष 2011 के बाद अब तक का सबसे शक्तिशाली माना जा रहा है. कई क्षेत्रों में इससे दहशत फैल गई और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया.
सुनामी चेतावनी और राहत की खबर
अधिकारियों ने प्रभावित इलाकों को तुरंत सतर्क कर दिया और लोगों को समुद्र तटों से दूर रहने की सलाह दी गई. हालांकि कुछ समय बाद अमेरिका, जापान और रूस में सुनामी चेतावनी के स्तर को घटा दिया गया. अमेरिकी गृह सुरक्षा मंत्री क्रिस्टी नोएम ने बयान दिया कि “सबसे बुरा समय अब बीत चुका है.”
अब भी खतरा बरकरार
रूस के कामचटका प्रायद्वीप और कुरील द्वीप समूह में सुनामी की चेतावनियाँ रद्द कर दी गई हैं, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि अब भी कुछ खतरा बना हुआ है. वहीं, दक्षिण अमेरिका के चिली और कोलंबिया में नए सिरे से चेतावनियाँ जारी की गई हैं, जिसके कारण लोगों को अपने घरों से निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है.
यह पूरा घटनाक्रम दर्शाता है कि प्रकृति का रौद्र रूप अचानक सामने आ सकता है, और हमें हमेशा सतर्क रहने की ज़रूरत है. रूस में यह भूकंप और ज्वालामुखी विस्फोट दोनों ही घटनाएं आपदा प्रबंधन की कसौटी पर पूरी दुनिया को परखने जैसा अनुभव रही हैं.
First Updated : Wednesday, 30 July 2025