वियतनाम में बड़ा हादसा: 15 भारतीयों की मौत पर PM मोदी ने जताया शोक

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वियतनाम में नाव दुर्घटना में 15 भारतीयों की मौत पर शोक जताया और कहा कि दूतावास हर संभव मदद मुहैया करा रहा है।

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नई दिल्ली: शनिवार को वियतनाम के फु क्वोक द्वीप के पास हुआ स्पीडबोट हादसा पूरे देश के लिए झकझोर देने वाला है। इस हादसे में कम से कम 15 भारतीय पर्यटकों की मौत हो गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस घटना पर गहरा दुख जताया है और पीड़ित परिवारों को हर संभव मदद का भरोसा दिया है।  

PM मोदी: "बेहद दुखी हूं, दूतावास मदद में जुटा"   

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए PM मोदी ने कहा कि वह इस हादसे से "बेहद दुखी" हैं। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताई और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की।  

पीएम ने बताया कि वियतनाम में भारतीय दूतावास और वाणिज्य दूतावास स्थानीय प्रशासन के लगातार संपर्क में हैं। हादसे के वक्त बोट में 32 भारतीय पर्यटक और 4 क्रू सदस्य सवार थे। बचाव और राहत का काम अभी भी जारी है।  

कैसे पलटी नाव? खराब समुद्र बना वजह   

फु क्वोक स्पेशल इकोनॉमिक जोन के अधिकारियों के मुताबिक, 'ओशन पर्ल आइलैंड कंपनी' की स्पीडबोट पर्यटकों को 'होन मे रुट' से 'एन थोई पोर्ट' ले जा रही थी। दोपहर करीब 1 बजे, 'होन मे रुट न्गोई' से लगभग 400 मीटर दूर तेज हवाओं और खराब समुद्र के कारण नाव पलट गई।  

नाव पलटते ही सभी यात्री समुद्र में गिर गए। आसपास मौजूद दूसरी टूरिस्ट बोटें तुरंत बचाव के लिए पहुंचीं। लेकिन तेज लहरों और पलटी हुई नाव के अंदर फंसे लोगों की वजह से ऑपरेशन मुश्किल हो गया।  

हादसे के समय इलाके में बारिश नहीं थी, लेकिन समुद्र काफी उग्र था। बोट कंपनी के एक प्रतिनिधि ने बताया कि कैप्टन करीब 50 साल का था और उसे टूरिस्ट बोट चलाने का लंबा अनुभव था।  

दूतावास और राज्य सरकार एक्टिव   

वियतनाम में भारतीय दूतावास ने हनोई और हो ची मिन्ह सिटी में कंट्रोल रूम बना दिए हैं। मिशन पीड़ित परिवारों को जानकारी देने और हर मदद मुहैया कराने में लगा है। दूतावास वियतनामी अधिकारियों के साथ कोऑर्डिनेशन कर राहत कार्य में मदद कर रहा है। आंध्र प्रदेश के मंत्री नारा लोकेश ने भी इस मामले को गंभीरता से लिया।

नई दिल्ली स्थित आंध्र भवन में अधिकारियों के साथ बैठक के बाद उन्होंने बताया कि बोट में आंध्र के पर्यटक भी हो सकते हैं। लोकेश ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे दूतावास और केंद्र सरकार के संपर्क में रहें और प्रभावित लोगों के परिवारों को हर सहायता पहुंचाएं।  

आइलैंड हॉपिंग टूर बना दर्दनाक  

यह स्पीडबोट 'मे रुट आइलेट' जा रही थी। इसमें 'मे रुट ट्रोंग' और 'मे रुट न्गोई' शामिल हैं। एन थोई से करीब 10-12 किमी दक्षिण में स्थित ये द्वीप अपने साफ पानी और कोरल रीफ के लिए फेमस हैं। यहां लोग स्नॉर्कलिंग और डाइविंग के लिए आते हैं। एन थोई से यहां नाव से 20 से 40 मिनट लगते हैं। जो टूर मस्ती के लिए था, वो अचानक त्रासदी बन गया।   First Updated : Saturday, 11 July 2026