आसिम मुनीर आतंकी है के नारों से गूंजा PoK, JAAC का प्रदर्शन हुआ उग्र

पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर (PoK) में मंगलवार को विरोध प्रदर्शनों ने उग्र रूप ले लिया है. इस दौरान जम्मू-कश्मीर जॉइंट आवामी एक्शन कमेटी (JAAC) द्वारा आयोजित लॉन्ग मार्च टू मुजफ्फराबाद के दौरान हजारों लोग सड़कों पर उतर आए है.

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नई दिल्ली: पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर (PoK) में मंगलवार को विरोध प्रदर्शनों ने उग्र रूप ले लिया है. इस दौरान जम्मू-कश्मीर जॉइंट आवामी एक्शन कमेटी (JAAC) द्वारा आयोजित 'लॉन्ग मार्च टू मुजफ्फराबाद' के दौरान हजारों लोग सड़कों पर उतर आए है और पाकिस्तान सरकार तथा सुरक्षा प्रतिष्ठान के खिलाफ जमकर प्रदर्शन कर है. इतना ही नहीं इस बीच कई इलाकों से प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच टकराव की खबरें सामने आई हैं, जिससे क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया है. 

आर्थिक अधिकारों की उठी मांग 

बता दें, इस दौरान रावलकोट सहित कई शहरों में प्रदर्शनकारियों ने रैलियां निकालीं और अपने राजनीतिक तथा आर्थिक अधिकारों की मांग उठाई है. इसके साथ ही कुछ स्थानों पर भीड़ का सामना पाकिस्तानी रेंजर्स और अन्य सुरक्षा बलों से भी देखने को मिल रहा है. वहीं हालात को देखते हुए प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी है. 

जनता की आवाज को दबाने का लगा आरोप 

प्रदर्शन के दौरान पाकिस्तान सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर और खुफिया एजेंसी आईएसआई के खिलाफ भी नारेबाजी की जा रही है. प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि क्षेत्र की जनता की आवाज को दबाया जा रहा है और स्थानीय लोगों की समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया जा रहा। सोशल मीडिया पर भी इन प्रदर्शनों से जुड़े वीडियो और तस्वीरें तेजी से साझा की जा रही हैं.

आंदोलन को बताया सम्मान की लड़ाई 

बता दें, आंदोलन के प्रमुख नेताओं ने लोगों से संघर्ष जारी रखने की अपील की है. एक जनसभा को संबोधित करते हुए नेताओं ने कहा कि यह आंदोलन केवल वर्तमान मुद्दों के लिए नहीं बल्कि आने वाली पीढ़ियों के अधिकारों और सम्मान की लड़ाई भी है. उन्होंने समर्थकों से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को उठाने का आह्वान किया है. 

प्रशासन की प्रतिक्रिया का इंतजार 

इसके साथ ही रावलकोट की कई मस्जिदों से भी लोगों से आंदोलन में शामिल होने की अपील की गई. वहीं  स्थानीय स्तर पर किए गए ऐलानों में लोगों से एकजुट होकर अपने अधिकारों के लिए आवाज बुलंद करने का संदेश दिया गया है. JAAC के नेताओं का आरोप है कि आंदोलन में शामिल लोगों पर दबाव बनाया जा रहा है और कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया जा रहा है. हालांकि प्रशासन की ओर से इस पर कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. वहीं PoK में बढ़ते विरोध प्रदर्शनों के बीच क्षेत्र में गंभीर हालात बने हुए है.  First Updated : Tuesday, 09 June 2026