Pope Leo XIV on India Pakistan ceasefire: भारत और पाकिस्तान के बीच हालिया सैन्य संघर्ष के बाद घोषित युद्धविराम समझौते पर वैटिकन सिटी से बड़ी प्रतिक्रिया सामने आई है. नवनिर्वाचित पोप लियो चौदहवें ने इस समझौते का स्वागत करते हुए विश्व में स्थायी शांति की कामना की है. उन्होंने रविवार को सेंट पीटर्स स्क्वायर में अपने पहले सार्वजनिक संदेश के दौरान "अब और युद्ध नहीं" की अपील करते हुए प्रमुख वैश्विक शक्तियों से शांति की दिशा में प्रयास करने का आग्रह किया.
पोप लियो चौदहवें, जिनका असली नाम अमेरिकी कार्डिनल रॉबर्ट प्रेवोस्ट है, हाल ही में चर्च के 267वें सर्वोच्च धर्मगुरु के रूप में चुने गए हैं. वह इस पद पर आसीन होने वाले पहले अमेरिकी पोप हैं और उनके चयन ने पूरी दुनिया में आश्चर्य पैदा कर दिया था. पोप का यह शांति संदेश ऐसे समय आया है जब भारत और पाकिस्तान के बीच जारी तनाव के बीच युद्धविराम पर सहमति बनी, लेकिन उसके अगले ही दिन पाकिस्तान ने समझौते का उल्लंघन करते हुए फिर से भारी गोलाबारी शुरू कर दी.
भारत ने पाकिस्तान और पाकिस्तान-अधिकृत कश्मीर (पीओके) में आतंकी ढांचों को निशाना बनाते हुए ऑपरेशन सिंदूर को अंजाम दिया. इस सैन्य अभियान के बाद दोनों देशों के बीच तीन दिन तक भारी तनाव और गोलाबारी का माहौल रहा. अंततः अमेरिका की मध्यस्थता से शनिवार शाम एक युद्धविराम समझौता हुआ, जो 10 मई को शाम 5 बजे से लागू होना था.
हालांकि, युद्धविराम लागू होने के कुछ ही घंटों बाद पाकिस्तान ने एक बार फिर सीज़फायर का उल्लंघन किया. जम्मू-कश्मीर से लेकर गुजरात तक भारत के सीमावर्ती इलाकों में पाकिस्तानी सेना ने भारी तोपखाने से गोलाबारी की. इससे भारत में फिर से तनाव का माहौल बन गया है.
पोप लियो ने अपने पहले संडे मैसेज में दुनिया की प्रमुख शक्तियों से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कहा, "नो मोर वॉर" उन्होंने कहा कि युद्ध की बजाय संवाद और सहयोग से समाधान खोजे जाने चाहिए. उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब एशिया के दो परमाणु संपन्न देश युद्ध की कगार पर खड़े हैं.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को घोषणा की कि उनके प्रशासन की मध्यस्थता के बाद भारत और पाकिस्तान ने युद्धविराम पर सहमति जताई है. ट्रंप ने इसे एक बड़ी कूटनीतिक सफलता बताया, लेकिन पाकिस्तान की ओर से युद्धविराम के उल्लंघन ने इस पहल की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं.
पोप लियो ने अपने संदेश में यह भी कहा कि केवल शांति से ही विश्व को स्थायित्व और प्रगति की ओर बढ़ाया जा सकता है. उन्होंने उम्मीद जताई कि भारत और पाकिस्तान बातचीत से अपने विवादों को सुलझाएंगे और क्षेत्र में स्थायी शांति स्थापित करेंगे. First Updated : Sunday, 11 May 2025