बलूचिस्तान: पाकिस्तान के अशांत प्रांत बलूचिस्तान में लंबे समय से सुरक्षा बलों और अलगाववादी संगठनों के बीच जारी संघर्ष में अब तकनीक की एंट्री हो गई है. अलगाववादी संगठन बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने अपनी पहली आधुनिक एयर और ड्रोन वारफेयर यूनिट बनाने का ऐलान किया है. इस नई यूनिट का नाम “काजी एयरो हाइव रेंजर्स” (QAHR) रखा गया है. संगठन के बयान के अनुसार, यह नई यूनिट उन्नत तकनीक, ड्रोन संचालन और हवाई निगरानी क्षमताओं पर काम करेगी.
BLA का दावा है कि इस पहल की सोच उसके वरिष्ठ कमांडर अब्दुल बासित ने तैयार की थी. बताया गया कि उन्होंने संगठन के भीतर तकनीकी शोध और आधुनिक युद्ध पद्धति को प्राथमिकता दी थी. यदि इन दावों में सच्चाई है, तो यह संकेत देता है कि संगठन अब पारंपरिक गुरिल्ला हमलों से आगे बढ़कर तकनीकी साधनों का सहारा ले रहा है.
‘ऑपरेशन हेरोफ 2.0’ में ड्रोन इस्तेमाल का दावा
BLA ने यह भी कहा कि हाल ही में ग्वादर में चलाए गए कथित बड़े हमले “ऑपरेशन हेरोफ 2.0” के दौरान पहली बार ड्रोन का इस्तेमाल किया गया. संगठन के मुताबिक इस कार्रवाई में सैन्य ठिकानों, बंदरगाह से जुड़ी सुविधाओं और संचार तंत्र को निशाना बनाया गया. हालांकि इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो पाई है और पाकिस्तानी अधिकारियों की ओर से इस पर अभी तक कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है.
वीडियो जारी कर पेश किया प्रदर्शन
नई यूनिट की घोषणा के साथ संगठन ने करीब दो मिनट का एक वीडियो और कुछ तस्वीरें भी जारी कीं. वीडियो में पहाड़ी इलाके में हथियारबंद सदस्यों को ड्रोन का परीक्षण करते हुए दिखाया गया है. इसके बाद कुछ दृश्य ग्वादर के ऊपर ड्रोन उड़ान के बताए गए हैं, जिन्हें “ऑपरेशन हेरोफ 2.0” से जोड़ा गया है. हालांकि वीडियो की प्रामाणिकता की स्वतंत्र जांच नहीं हुई है.
सुरक्षा एजेंसियों के लिए नई चुनौती?
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर संगठन वास्तव में ड्रोन तकनीक का इस्तेमाल कर रहा है, तो यह क्षेत्र में उग्रवादी रणनीति में बड़ा बदलाव हो सकता है. ड्रोन आधारित हमले पारंपरिक सुरक्षा ढांचे के लिए नई मुश्किलें पैदा कर सकते हैं, खासकर उन इलाकों में जहां पहले जमीन आधारित हमले ज्यादा होते थे. First Updated : Friday, 13 February 2026