प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जल्द ही अमेरिका की महत्वपूर्ण यात्रा पर जाने वाले हैं. यह उनकी दो दिवसीय यात्रा होगी, जो 12 फरवरी से शुरू होगी. इस यात्रा में पीएम मोदी अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात करेंगे. दोनों नेताओं की यह पहली आमने-सामने की बैठक होगी, क्योंकि ट्रंप ने हाल ही में राष्ट्रपति चुनाव में जीत दर्ज की है. इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने फोन पर उन्हें बधाई दी थी.
इस दौरे से पहले प्रधानमंत्री मोदी फ्रांस में आयोजित एआई एक्शन समिट में शामिल होंगे. ग्रैंड पैलेस में होने वाले इस शिखर सम्मेलन में वे 10 और 11 फरवरी को भाग लेंगे, जिसके बाद वे सीधे अमेरिका के लिए रवाना होंगे. इस यात्रा का आधिकारिक विवरण अभी साझा नहीं किया गया है, लेकिन सूत्रों के अनुसार, व्यापार, रक्षा सहयोग और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होने की संभावना है.
प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच यह मुलाकात भारत-अमेरिका द्विपक्षीय संबंधों को नई दिशा देने वाली हो सकती है. इस बैठक में इंडो-पैसिफिक रणनीति, व्यापार समझौतों और रक्षा क्षेत्र में सहयोग पर व्यापक चर्चा होगी. भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक संबंधों को और मजबूत करने पर भी जोर दिया जा सकता है.
अमेरिका जाने से पहले प्रधानमंत्री मोदी फ्रांस में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) एक्शन समिट में भाग लेंगे. इस आयोजन में दुनिया के शीर्ष तकनीकी विशेषज्ञ और नीति निर्माता शामिल होंगे. भारत एआई तकनीक को तेजी से अपनाने वाला देश बन रहा है, इसलिए इस सम्मेलन में पीएम मोदी का भाषण अहम माना जा रहा है.
इस बीच, ट्रंप प्रशासन ने यूनाइटेड स्टेट एजेंसी फॉर इंटरनेशनल डेवलपमेंट (USAID) को बंद करने का संकेत दिया है. हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि इससे भारत पर खास असर नहीं पड़ेगा, क्योंकि भारत को यूएसएआईडी से मिलने वाली राशि उसकी अर्थव्यवस्था के मुकाबले काफी कम है. ट्रंप प्रशासन के करीबी सलाहकार एलन मस्क ने इस योजना की घोषणा की है और इसे बंद करने पर ट्रंप की सहमति भी मिल गई है.
यूएसएआईडी पिछले 70 वर्षों से भारत सहित कई देशों को मानवीय सहायता और विकास परियोजनाओं में सहयोग प्रदान करता आ रहा है. हालांकि, भारत को मिलने वाली मदद की राशि काफी कम थी. वित्तीय वर्ष 2024 में भारत को यूएसएआईडी के तहत 140 मिलियन डॉलर (लगभग 11.6 अरब रुपये) मिलने थे, जो कि भारत के 600 बिलियन डॉलर से अधिक के कुल बजट की तुलना में मामूली राशि है.
नई दिल्ली में अमेरिकी दूतावास की वेबसाइट से यूएसएआईडी से संबंधित सभी पेज हटा दिए गए हैं. यह इस बात का संकेत है कि ट्रंप प्रशासन इस सहायता कार्यक्रम को पूरी तरह से बंद करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है. हालांकि, भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को देखते हुए इससे देश पर कोई बड़ा प्रभाव नहीं पड़ेगा.
प्रधानमंत्री मोदी की अमेरिका यात्रा और ट्रंप से मुलाकात भारत-अमेरिका संबंधों में एक नया अध्याय जोड़ सकती है. इंडो-पैसिफिक रणनीति, व्यापार और रक्षा सहयोग जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा से दोनों देशों के संबंधों को और मजबूती मिलने की उम्मीद है. साथ ही, यूएसएआईडी बंद होने के बावजूद भारत पर इसका खास असर नहीं पड़ेगा, क्योंकि भारतीय अर्थव्यवस्था पहले से ही आत्मनिर्भर बनने की राह पर है. First Updated : Tuesday, 04 February 2025