ईरान को लेकर ट्रंप का बड़ा दावा, 'नेतन्याहू वही करेंगे, जो मैं चाहूंगा'
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि इजरायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू ईरान मामले में वही करेंगे जो वह चाहेंगे, जबकि अमेरिका फिलहाल कूटनीति को मौका दे रहा है. दूसरी ओर ईरान ने अमेरिका पर नए हमलों की तैयारी का आरोप लगाते हुए बड़े जवाब की चेतावनी दी है.

नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को लेकर चल रहे तनाव के बीच एक बार फिर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि इजरायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू वही कदम उठाएंगे, जो वह उनसे चाहते हैं. ट्रंप ने यह टिप्पणी उस समय की जब उनसे ईरान पर संभावित सैन्य कार्रवाई और इजरायल की भूमिका को लेकर सवाल पूछा गया.
ट्रंप ने की नेतन्याहू की तारीफ
पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने नेतन्याहू की खुलकर तारीफ की. उन्होंने कहा कि नेतन्याहू एक मजबूत और अनुभवी नेता हैं और युद्धकाल में भी उन्होंने नेतृत्व किया है. ट्रंप ने यह भी कहा कि इजरायली प्रधानमंत्री उनके सुझावों और रणनीति के अनुरूप ही आगे बढ़ेंगे.
अमेरिकी राष्ट्रपति ने इजरायल में भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर हो रही आलोचनाओं के बीच नेतन्याहू का बचाव भी किया. ट्रंप ने दावा किया कि इजरायल में नेतन्याहू के साथ उचित व्यवहार नहीं हो रहा है. उन्होंने मजाकिया अंदाज में यह तक कह दिया कि शायद वह खुद इजरायल जाकर प्रधानमंत्री पद का चुनाव लड़ें. ट्रंप ने हंसते हुए कहा कि एक सर्वेक्षण के मुताबिक उनकी लोकप्रियता इजरायल में 99 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है.
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बावजूद ट्रंप ने कहा कि उन्हें युद्ध या कूटनीति को लेकर कोई जल्दबाजी नहीं है. उन्होंने दावा किया कि ईरान के साथ चल रहा संघर्ष जल्द खत्म हो सकता है, लेकिन अमेरिका फिलहाल बातचीत को मौका देना चाहता है. ट्रंप ने कहा कि वह बड़े पैमाने पर लोगों की मौत देखने के बजाय कूटनीतिक समाधान को प्राथमिकता देना पसंद करेंगे.
उन्होंने यह भी खुलासा किया कि हाल ही में ईरान पर प्रस्तावित अमेरिकी सैन्य हमला आखिरी समय में रोक दिया गया था. ट्रंप के अनुसार खाड़ी देशों के सहयोगियों ने वाशिंगटन से अपील की थी कि युद्ध शुरू करने से पहले कूटनीति को एक और मौका दिया जाए. इसी वजह से कार्रवाई को अंतिम समय में टाल दिया गया.
दूसरी ओर ईरान ने अमेरिका पर नए हमलों की तैयारी करने का आरोप लगाया है. ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने चेतावनी दी कि यदि ईरान के खिलाफ दोबारा सैन्य कार्रवाई की गई तो इसका जवाब केवल मध्य पूर्व तक सीमित नहीं रहेगा. ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बगेर ग़ालिबफ़ ने भी दावा किया कि अमेरिका पर्दे के पीछे नए हमले की तैयारी कर रहा है.
मोहसिन नक्वी तेहरान क्यों पहुंचे?
इसी बीच पाकिस्तान ने भी मध्यस्थता की कोशिशें तेज कर दी हैं. पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नक्वी तेहरान पहुंचे, जहां उन्होंने ईरानी अधिकारियों के साथ बातचीत की. बताया जा रहा है कि पाकिस्तान अमेरिका और ईरान के बीच बैकचैनल संपर्क बनाए रखने की कोशिश कर रहा है.
सूत्रों के अनुसार ईरान ने अमेरिका को एक नया प्रस्ताव भेजा है, जिसमें प्रतिबंध हटाने, जब्त संपत्तियां लौटाने और क्षेत्र से अमेरिकी सैनिकों की वापसी जैसी मांगें शामिल हैं. हालांकि ट्रंप प्रशासन पहले ही इन शर्तों को खारिज कर चुका है. ऐसे में अब पूरी दुनिया की नजर इस बात पर टिकी है कि आने वाले दिनों में कूटनीति सफल होती है या मध्य पूर्व में तनाव और बढ़ता है.


