Condemn करना था, Condom कह बैठे शहबाज़, इंटरनेट पर मचा बवाल

इज़राइल-ईरान संघर्ष पर प्रतिक्रिया देते हुए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ की एक जुबान फिसल गई, जो सोशल मीडिया पर तूफान बनकर छा गई है। भाषण के दौरान ‘I Condemn’ की जगह ‘I Condom’ कहने की क्लिप वायरल हो गई।

Lalit Sharma
Edited By: Lalit Sharma

इंटरनेशनल न्यूज. इज़राइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ एक आधिकारिक बयान दे रहे थे। माहौल गंभीर था, कैमरे चालू थे और दुनिया देख रही थी। लेकिन जैसे ही उन्होंने अंग्रेज़ी में "I Condemn the attack" कहने की कोशिश की, उनकी जुबान फिसल गई और वे बोल बैठे – "I Condom the attack." इस एक लफ्ज़ की गलती ने पाकिस्तान की साख पर एक और सवालिया निशान खड़ा कर दिया। सोशल मीडिया यूज़र्स ने इसे हाथोंहाथ लिया और मीम्स, वीडियो और जोक्स की बाढ़ आ गई। कुछ लोगों ने इसे महज एक गलती माना, लेकिन बहुतों ने इसे पाकिस्तान की वैश्विक मंच पर कमजोरी और शर्मिंदगी का प्रतीक बताया।

वायरल क्लिप ने सोशल मीडिया को किया हाइजैक

चंद मिनटों में ही क्लिप ट्विटर (अब X), इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर वायरल हो गई। ‘#ICondom’ हैशटैग ट्रेंड करने लगा और पाकिस्तान एक बार फिर अपनी डिप्लोमैटिक गंभीरता को लेकर मज़ाक का पात्र बन गया। वीडियो को कई भाषाओं में सबटाइटल्स के साथ शेयर किया गया। भारतीय यूज़र्स ने खासतौर पर इस क्लिप को लेकर व्यंग्य कसा, और कुछ ने तो शहबाज़ को “कंडोम मंत्री” तक कह डाला। पाकिस्तान की मीडिया ने पहले तो इस घटना को दबाने की कोशिश की, लेकिन जब इंटरनेशनल चैनल्स ने क्लिप को उठाया, तब मामला नियंत्रण से बाहर हो गया।

गंभीर मुद्दे पर हंसी का तड़का

यह ज़ुबान फिसलना ऐसे वक्त पर हुआ जब पाकिस्तान को गंभीरता से कूटनीतिक बयान देना था। ईरान और इज़राइल के बीच चल रही तनातनी वैश्विक चिंता का विषय है, लेकिन पाकिस्तान का प्रतिनिधित्व इस हास्यास्पद गलती की वजह से मज़ाक बन गया। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी घटनाएं सिर्फ मज़ाक नहीं होतीं, बल्कि ये अंतरराष्ट्रीय राजनीति में किसी देश की परिपक्वता पर भी असर डालती हैं। शहबाज़ शरीफ को पहले भी भाषणों में गलत उच्चारण और असमंजस के लिए आलोचना झेलनी पड़ी है।

सरकार की सफाई, जनता की खिंचाई

पाकिस्तानी सरकार के प्रवक्ता ने तुरंत बयान जारी कर कहा कि यह "सिर्फ एक slip of tongue" था और उसका गलत मतलब न निकाला जाए। लेकिन जनता इस सफाई से संतुष्ट नहीं दिखी। सोशल मीडिया पर पाकिस्तानियों ने खुद अपने प्रधानमंत्री को निशाने पर ले लिया। कुछ ने कहा कि जब देश की अर्थव्यवस्था गर्त में है और विदेश नीति में अस्थिरता है, तो ऐसे में ऐसा हास्यास्पद बयान नुकसानदेह है।

शब्दों की कीमत जानिए, वरना अंतरराष्ट्रीय मंच बन जाएगा कॉमेडी शो

ये घटना एक बार फिर दिखाती है कि एक शब्द की चूक से पूरी दुनिया की नजरों में देश की छवि कैसे बदल सकती है। पाकिस्तान पहले ही आर्थिक संकट, आतंकवाद और कूटनीतिक अलगाव से जूझ रहा है। ऐसे में वैश्विक मंच पर ऐसी चूकें केवल देश की गंभीरता को ही नहीं, बल्कि भविष्य की वार्ताओं को भी प्रभावित कर सकती हैं। राजनीति में शब्दों का चयन उतना ही अहम है जितना किसी फैसले का। और जब नेता अंतरराष्ट्रीय मंच पर बोलते हैं, तो हर लफ्ज़, हर उच्चारण, एक हथियार बन सकता है—या फिर मज़ाक।

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