गर्मी से मिलेगी राहत, दिल्ली-मुंबई समेत भारत के इन राज्यों में होगी झमाझम बारिश

आईएमडी ने देश के कई राज्यों में आंधी, बारिश और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है. दिल्ली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में 28 से 31 मई तक आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. 

Yashika Jandwani

नई दिल्ली: देशभर में भीषण गर्मी से परेशान लोगों को अब मॉनसून का इंतजार है, लेकिन इस बार मानसून की एंट्री थोड़ी देरी से हो सकती है. बता दें, भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के ताजा अनुमान के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून अब केरल में 2 से 4 जून के बीच पहुंच सकता है. इससे पहले मौसम विभाग ने इसके 26 मई तक केरल पहुंचने की संभावना जताई थी. हालांकि राहत की बात यह है कि मानसून आने से पहले ही देश के कई हिस्सों में प्री-मानसून बारिश शुरू होने को लेकर अलर्ट जारी किया गया है. 

कब से शुरू होगा मानसून 

मौसम विभाग का कहना है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां लगातार अनुकूल बनी हुई हैं. अगले कुछ दिनों में यह अरब सागर, बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर के बड़े हिस्सों में सक्रिय हो सकता है. सामान्य तौर पर मानसून 1 जून के आसपास केरल के तटीय क्षेत्रों में दस्तक देता है और इसी तारीख को भारत में मानसून की आधिकारिक शुरुआत माना जाता है.

झमाझम बारिश का अलर्ट 

इसी बीच आईएमडी ने देश के कई राज्यों में आंधी, बारिश और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है. उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में 28 से 30 मई के बीच बारिश और तेज हवाओं के आसार हैं, जबकि हिमाचल प्रदेश में 28 और 29 मई को मौसम बिगड़ सकता है. वहीं दिल्ली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में 28 से 31 मई तक आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. 

कब कहां होगी बारिश 

पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी 28 से 31 मई के बीच गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना जताई गई है. इसके साथ ही राजस्थान में 28 और 29 मई को हल्की बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं. वहीं महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, कोंकण और गोवा में 26 से 29 मई तक बारिश के संकेत दिए गए है. साथ ही गुजरात में 30 मई से 1 जून के बीच मौसम बदल सकता है, जबकि सौराष्ट्र और कच्छ में 1 जून को बारिश की संभावना है. 

बिहार, झारखंड और ओडिशा 

इसके अलावा बिहार, झारखंड और ओडिशा में भी अगले कई दिनों तक बारिश और आंधी का असर देखने को मिल सकता है. मौसम विभाग के मुताबिक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की वजह से उत्तर भारत के ज्यादातर हिस्सों में प्री-मानसून गतिविधियां तेज हो गई हैं, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है. 

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