‘ट्रंप 2.0’ में क्यों बिगड़े भारत-अमेरिका के रिश्ते? मैरी मिलबेन ने उठाए सवाल

मैरी मिलबेन ने ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में भारत-अमेरिका संबंधों में आई दूरी पर चिंता जताते हुए कहा कि राष्ट्रपति को भारत के बारे में गलत सलाह दी गई.

Suraj Mishra
Edited By: Suraj Mishra

नई दिल्ली: अफ्रीकी-अमेरिकी गायिका और भारत-अमेरिका संबंधों की समर्थक मानी जाने वाली मैरी मिलबेन ने डोनल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में दोनों देशों के रिश्तों में आई दूरी पर चिंता जताई है. उन्होंने कहा कि इस बार ट्रंप प्रशासन के भीतर भारत से जुड़े मामलों पर राष्ट्रपति को सही सलाह नहीं दी गई, जिसके कारण द्विपक्षीय संबंधों में तनाव बढ़ा है. एक विशेष बातचीत में मिलबेन ने माना कि मौजूदा हालात पहले की तुलना में काफी अलग हैं और दोनों देशों के बीच भरोसे में कमी दिखाई दे रही है.

मार्को रुबियो की भारत यात्रा का जिक्र

मैरी मिलबेन ने हाल ही में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो की भारत यात्रा का भी जिक्र किया. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भारतीय नेतृत्व की मेहमाननवाजी की तारीफ की, लेकिन यह भी कहा कि इस दौरे से रिश्तों में कोई ठोस सुधार देखने को नहीं मिला. उनके मुताबिक केवल औपचारिक मुलाकातों से मौजूदा राजनीतिक मतभेद खत्म नहीं होंगे. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि ट्रंप प्रशासन ने अब तक भारत के साथ संबंधों को मजबूत करने की दिशा में कोई बड़ा या प्रभावी कदम नहीं उठाया है.

मिलबेन का मानना है कि दोनों देशों के बीच पैदा हुआ राजनीतिक नुकसान काफी गहरा है और इसे ठीक होने में समय लगेगा. उन्होंने कहा कि दुनिया भर के नेताओं की नजर आने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव पर है और भारत भी इस पर करीबी नजर बनाए हुए है. उनके अनुसार, भविष्य की अमेरिकी नीति इस बात पर निर्भर करेगी कि चुनाव के बाद वॉशिंगटन का नेतृत्व किस दिशा में आगे बढ़ता है.

उन्होंने ट्रंप के पहले कार्यकाल और मौजूदा कार्यकाल के बीच बड़ा अंतर भी बताया. मिलबेन ने कहा कि पहले कार्यकाल में राष्ट्रपति के आसपास ऐसे सलाहकार थे जो भारत और भारतीय-अमेरिकी समुदाय को समझते थे और उनका सम्मान करते थे. उसी दौर में ‘हाउडी मोदी’ जैसे बड़े कार्यक्रम आयोजित हुए थे, जिन्होंने दोनों देशों के रिश्तों को नई मजबूती दी थी. लेकिन वर्तमान कार्यकाल में भारत से जुड़े मुद्दों, खासकर टैरिफ नीति को लेकर राष्ट्रपति को गलत दिशा में सलाह दी गई.

मैरी मिलबेन ने क्यों जाहिर की नाराजगी? 

मैरी मिलबेन ने भारतीय-अमेरिकी समुदाय और प्रवासियों के खिलाफ की गई कुछ टिप्पणियों पर भी नाराजगी जाहिर की. हालांकि उन्होंने अमेरिका के मौजूदा राजदूत सर्जियो गोर के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि वे संबंध सुधारने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत और अमेरिका दुनिया के दो बड़े लोकतंत्र हैं और दोनों के रिश्ते बेहद महत्वपूर्ण हैं. उनके मुताबिक भविष्य की अमेरिकी नीतियों में सम्मान, संवाद और मानवीय मूल्यों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए.

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