पूर्व पाकिस्तानी आर्मी अधिकारी आदिल राजा ने बड़ा दावा किया है। उनका कहना है कि अफगानिस्तान से आए ड्रोन संवेदनशील क्षेत्रों तक पहुंचे। उन्होंने जमरूद बेस और नौशेरा जैसे सैन्य ठिकानों का नाम लिया। साथ ही इस्लामाबाद के पास एक परमाणु ऊर्जा केंद्र का भी जिक्र किया। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है। पाकिस्तान या तालिबान की ओर से परमाणु ठिकानों पर हमले की पुष्टि नहीं हुई। फिर भी बयान ने सुरक्षा बहस तेज कर दी है। विशेषज्ञ सतर्कता बरतने की सलाह दे रहे हैं।
तालिबान रक्षा मंत्रालय ने ड्रोन हमलों का दावा किया है। उनका कहना है कि यह पाकिस्तान के एयरस्ट्राइक का जवाब था। तालिबान ने सैन्य कैंप और बेस को निशाना बनाने की बात कही। लेकिन परमाणु ठिकानों पर हमले का दावा नहीं किया गया। अफगान पक्ष ने इसे जवाबी कार्रवाई बताया। ड्रोन हमलों को सैन्य संतुलन बदलने वाला कदम माना जा रहा है। इससे संघर्ष का नया आयाम सामने आया है।
रिपोर्ट्स में कहा गया कि कुछ ड्रोन पाकिस्तान के एयर डिफेंस से बचकर अंदर पहुंचे। इससे सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठे हैं। दावा है कि ड्रोन राजधानी के आसपास तक पहुंच गए। हालांकि पाकिस्तान की आधिकारिक प्रतिक्रिया सीमित रही है। सुरक्षा एजेंसियां जांच में जुटी बताई जा रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ड्रोन युद्ध भविष्य का बड़ा खतरा है। इससे सैन्य रणनीति बदल सकती है।
दावों के अनुसार कई शहरों में सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। इस्लामाबाद, नौशेरा और एबटाबाद जैसे क्षेत्रों का जिक्र हुआ। तालिबान ने सैन्य कॉलोनियों और कैंपों पर हमले की बात कही। ड्रोन हमलों से कुछ जगह हलचल मचने की खबरें आईं। हालांकि बड़े नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है। स्थानीय स्तर पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। आम लोगों में चिंता बढ़ती दिख रही है।
यह घटनाक्रम सीमा पर चल रही झड़पों के बीच सामने आया है। दोनों देशों के बीच गुरुवार रात से फायरिंग जारी बताई गई। तालिबान ने पाक चौकियों को निशाना बनाने का दावा किया। पाकिस्तान ने जवाबी कार्रवाई की बात कही है। कई पोस्ट नष्ट करने के दावे दोनों ओर से हुए। इससे हालात युद्ध जैसे बन गए हैं। सीमा पर तैनाती बढ़ा दी गई है।
पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव नया नहीं है। पाकिस्तान लगातार आरोप लगाता रहा है कि अफगान जमीन से हमले होते हैं। तालिबान इन आरोपों को खारिज करता है। ड्यूरंड लाइन विवाद भी तनाव की बड़ी वजह है। हालिया घटनाओं ने पुराने मतभेद फिर उभारे हैं। दोनों देशों के बयान स्थिति को और जटिल बना रहे हैं। बातचीत की कोशिश फिलहाल नजर नहीं आ रही।
विशेषज्ञों का मानना है कि ड्रोन हमलों के दावे गंभीर संकेत हैं। परमाणु सुरक्षा पर सवाल अंतरराष्ट्रीय चिंता बढ़ा सकते हैं। यदि तनाव बढ़ा तो क्षेत्रीय स्थिरता प्रभावित हो सकती है। दक्षिण एशिया की सुरक्षा पर भी असर पड़ सकता है। पड़ोसी देश स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। अभी हालात अनिश्चित बने हुए हैं। समाधान के लिए संवाद जरूरी बताया जा रहा है। First Updated : Friday, 27 February 2026