नई दिल्ली: मिडिल ईस्ट में चल रही जंग का असर अब लाल सागर तक पहुंच गया है. वैश्विक स्तर पर तेल के दाम तेजी से बढ़ रहे हैं और समुद्री व्यापार पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है. अमेरिका की Maritime Administration (MARAD) ने एक चेतावनी जारी की है जिसमें कहा गया है कि यमन के ईरान-समर्थित हूती विद्रोही लाल सागर और अदन की खाड़ी में कमर्शियल जहाजों पर बड़ा हमला कर सकते हैं.
अगले छह महीनों के लिए जारी इस एडवाइजरी में बाब अल-मंदेब स्ट्रेट को सबसे खतरनाक बताया गया है. इस क्षेत्र को 'आंसुओं का द्वार' भी कहा जाता है. यहां से गुजरने वाले अमेरिकी, ब्रिटिश और इजरायली जहाजों को हूतियों से सीधा खतरा है.
अक्टूबर 2025 के युद्धविराम के बाद हूतियों ने अब तक किसी जहाज पर हमला नहीं किया है, लेकिन वे अमेरिकी और इजरायली संपत्तियों को निशाना बनाने की पूरी तैयारी में हैं.
हूती एक सैन्य, राजनीतिक और धार्मिक संगठन है जो यमन के शिया मुस्लिम अल्पसंख्यक जैदी समुदाय के हितों के लिए लड़ रहा है. ये ईरान के समर्थन से काम करते हैं. हाल ही में शनिवार को हूतियों ने इजरायल पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागी, जो 28 फरवरी को ईरान पर अमेरिका-इजरायल हमले के बाद उनका पहला हमला था.
अमेरिका को आशंका है कि हूती विद्रोही अब आधुनिक हथियारों का इस्तेमाल करेंगे. वे जहाजों पर ड्रोन, समुद्र सतह पर चलने वाले ड्रोन (USV), पानी के नीचे चलने वाले ड्रोन (UUV), बैलिस्टिक मिसाइल और क्रूज मिसाइल से हमला कर सकते हैं. पहले वे छोटी नावों से गोलीबारी, विस्फोटक बोट अटैक और जहाज जब्त करने जैसे तरीके इस्तेमाल करते थे, लेकिन अब उनकी क्षमता काफी बढ़ गई है.
बाब अल-मंदेब स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री चोकपॉइंट में से एक है. यह लाल सागर को अरब सागर से जोड़ता है और तेल-गैस की वैश्विक सप्लाई के लिए बेहद जरूरी है. इसकी सबसे संकीर्ण जगह सिर्फ 18 मील चौड़ी है, जहां यातायात मात्र 2 मील चौड़े चैनल तक सीमित रहता है. इसी वजह से यहां जहाज हूतियों के लिए आसान निशाना बन जाते हैं.
हूतियों के पुराने हमलेनवंबर 2023 से अक्टूबर 2025 के बीच हूतियों ने 100 से ज्यादा हमले किए, जिसमें 60 से अधिक देश प्रभावित हुए. जुलाई 2025 में उन्होंने दो जहाज डुबो दिए और 4 नाविकों की मौत हो गई. अगस्त 2025 में सऊदी अरब के पास इजरायली जहाज पर हमला किया. सितंबर 2025 में एक डच जहाज पर मिसाइल हमला कर एक नाविक को मार दिया. First Updated : Sunday, 29 March 2026