वाशिंगटन: अमेरिका में ट्रंप प्रशासन कथित तौर पर ईरान के खिलाफ संभावित सैन्य कार्रवाई की शुरुआती योजना पर काम कर रहा है. मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इस योजना में बड़े पैमाने पर हवाई हमलों का विकल्प भी शामिल है. बताया जा रहा है कि यह चर्चा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हालिया धमकियों के बाद शुरू हुई है, जिसमें उन्होंने ईरान को चेतावनी दी थी कि अमेरिका किसी भी हालात से निपटने के लिए तैयार है.
सरकारी सूत्रों के अनुसार, अमेरिकी अधिकारी इस बात पर विचार कर रहे हैं कि अगर हमला किया जाता है तो ईरान के किन सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया जा सकता है. हालांकि अभी तक किसी अंतिम योजना को मंजूरी नहीं मिली है. न तो सैन्य साजो-सामान को इधर-उधर किया गया है और न ही सैनिकों की तैनाती में कोई बदलाव हुआ है. अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की योजना बनाना एक सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है और इसे तुरंत कार्रवाई का संकेत नहीं माना जाना चाहिए.
ट्रंप की चेतावनी
राष्ट्रपति ट्रंप ने हाल के दिनों में ईरान को कई बार कड़े शब्दों में चेतावनी दी है. उन्होंने ईरान में हो रहे विरोध प्रदर्शनों के दौरान प्रदर्शनकारियों की मौतों को लेकर नाराजगी जताई है. सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में ट्रंप ने लिखा कि ईरान एक नई आजादी की ओर बढ़ रहा है और अमेरिका जरूरत पड़ने पर मदद करने के लिए तैयार है. एक अन्य बयान में उन्होंने सीधे शब्दों में कहा कि अगर ईरान ने हिंसा शुरू की, तो अमेरिका भी जवाबी कार्रवाई करेगा. इन बयानों को ईरान के लिए सीधी चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है.
पहले भी हो चुके हैं हमले
यह पहली बार नहीं है जब अमेरिका ने ईरानी ठिकानों को निशाना बनाया हो. इससे पहले जून महीने में अमेरिका ने ईरान के तीन अहम ठिकानों पर हमला किया था. इनमें एक बेहद सुरक्षित परमाणु संयंत्र भी शामिल था, जो जमीन के काफी नीचे बना हुआ था. यह कार्रवाई उस समय की गई थी जब ईरान ने इजरायल के खिलाफ अपनी सैन्य क्षमताओं के इस्तेमाल की धमकी दी थी.
ईरान की तीखी प्रतिक्रिया
ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने अमेरिका और राष्ट्रपति ट्रंप पर कड़ा हमला बोला है. उन्होंने ट्रंप पर आरोप लगाया कि उनके हाथ ईरानियों के खून से सने हैं. एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि देश में अशांति फैलाने वाले लोग विदेशी ताकतों को खुश करने की कोशिश कर रहे हैं और उन्हें अपने देश की स्थिति की चिंता करनी चाहिए.
ईरान में हालात और बिगड़े
ईरान में चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच सरकार ने सख्ती और बढ़ा दी है. अब तक कम से कम 65 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जिनमें बड़ी संख्या प्रदर्शनकारियों की है. अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि जो कोई भी प्रदर्शनकारियों की मदद करेगा, उसे देश का दुश्मन माना जाएगा और उसे कड़ी सजा दी जा सकती है. वहीं, मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि मरने वालों की वास्तविक संख्या इससे कहीं अधिक हो सकती है. First Updated : Sunday, 11 January 2026