ट्रंप की कूटनीतिक सक्रियता तेज: ब्राजील संग ट्रेड डील पर जोर, ईरान मुद्दे पर अमेरिका-EU एकजुट
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ब्राजील के साथ व्यापारिक रिश्तों को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम बढ़ाया है. वहीं ईरान के परमाणु मुद्दे पर यूरोपीय संघ के साथ एकजुटता दिखाते हुए क्यूबा पर नए प्रतिबंध लगाकर ट्रंप प्रशासन ने सख्त रुख साफ कर दिया है.

नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वैश्विक स्तर पर अपनी कूटनीतिक गतिविधियां तेज कर दी हैं. इसी क्रम में उन्होंने ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लुला डा सिल्वा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन के साथ अहम बातचीत की. इन बैठकों में व्यापार, टैरिफ और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई.
एक ओर ट्रंप प्रशासन ब्राजील के साथ व्यापारिक रिश्तों को मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, वहीं दूसरी ओर ईरान और क्यूबा जैसे देशों के खिलाफ सख्त रणनीति अपनाकर राष्ट्रीय सुरक्षा को प्राथमिकता दे रहा है. ट्रंप ने संकेत दिए हैं कि आने वाले समय में अमेरिका की विदेश नीति और अधिक आक्रामक रूप में दिखाई दे सकती है.
ब्राजील के साथ व्यापारिक समझौते की तैयारी
डोनाल्ड ट्रंप ने ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लुला डा सिल्वा के साथ हुई बैठक को बेहद सकारात्मक बताया. ट्रंप ने राष्ट्रपति लुला को एक “बेहद ऊर्जावान” नेता कहा और बताया कि दोनों देशों के बीच व्यापार और "टैरिफ" से जुड़े मुद्दों पर महत्वपूर्ण चर्चा हुई.
ट्रंप के मुताबिक, अमेरिका और ब्राजील जल्द ही इन चर्चाओं को आगे बढ़ाने के लिए अगली बैठक करेंगे. माना जा रहा है कि दोनों देश व्यापारिक सहयोग को नई दिशा देने की तैयारी में हैं.
ईरान के परमाणु मुद्दे पर अमेरिका और यूरोपीय संघ की सहमति
ब्राजील के अलावा ट्रंप ने यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन के साथ भी लंबी फोन वार्ता की. इस बातचीत का मुख्य केंद्र ईरान का परमाणु कार्यक्रम रहा.
ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और यूरोपीय संघ इस बात पर पूरी तरह एकमत हैं कि ईरान को किसी भी स्थिति में परमाणु हथियार हासिल नहीं करने दिए जाएंगे. दोनों नेताओं ने इस बात पर सहमति जताई कि "जो शासन अपने ही लोगों की हत्या करता है, उसे परमाणु शक्ति बनने की अनुमति नहीं दी जा सकती."
क्यूबा के खिलाफ ट्रंप प्रशासन का सख्त कदम
इस बीच ट्रंप प्रशासन ने क्यूबा के कम्युनिस्ट शासन पर दबाव बढ़ाते हुए नए प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है. अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने सोशल मीडिया के जरिए इन प्रतिबंधों की जानकारी साझा की.
रुबियो ने कहा, “क्यूबा सरकार हमारे क्षेत्र में राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बना हुआ है.” उन्होंने आगे कहा कि आज लगाए गए प्रतिबंध इस बात का संकेत हैं कि ट्रंप प्रशासन इस मुद्दे पर चुप नहीं बैठेगा.
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि जब तक क्यूबा सरकार कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाती, तब तक अमेरिका अपनी कार्रवाई जारी रखेगा.
राष्ट्रीय सुरक्षा और व्यापारिक हितों पर ट्रंप का फोकस
डोनाल्ड ट्रंप एक तरफ ब्राजील जैसे देशों के साथ व्यापारिक हितों को मजबूत करने में जुटे हैं, तो दूसरी ओर ईरान और क्यूबा जैसे देशों के खिलाफ सख्त रुख अपनाकर राष्ट्रीय सुरक्षा को प्राथमिकता दे रहे हैं. हालिया घटनाक्रमों से साफ है कि ट्रंप प्रशासन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी रणनीतिक स्थिति को और मजबूत करने की कोशिश में लगा हुआ है.


