TCS नासिक केस में पुलिस को मिली बड़ी सफलता, 25 दिन से फरार निदा खान छत्रपति संभाजीनगर गिरफ्तार
TCS की सस्पेंडेड कर्मचारी निदा खान को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। वह यौन उत्पीड़न के एक केस में मुख्य आरोपी है और करीब 25 दिन से फरार चल रही थी। छत्रपति संभाजीनगर से उसकी गिरफ्तारी हुई है।

नई दिल्ली: TCS की सस्पेंडेड कर्मचारी निदा खान को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। वह यौन उत्पीड़न के एक केस में मुख्य आरोपी है और करीब 25 दिन से फरार चल रही थी। छत्रपति संभाजीनगर से उसकी गिरफ्तारी हुई है।
क्या है पूरा मामला?
आपको बताते चलें कि यह मामला नासिक में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज से जुड़ी एक BPO यूनिट का है। यहां यौन उत्पीड़न, मानसिक शोषण और जबरन धर्म परिवर्तन की कोशिश के कई आरोप सामने आए थे। केस सामने आने के बाद से ही निदा खान फरार थी। पुलिस ने उसकी तलाश में पूरे महाराष्ट्र में कई टीमें लगाई थीं।
निदा पर आरोप है कि उसने धार्मिक भावनाएं भड़काने की कोशिश की और रेप-यौन शोषण के आरोपियों की मदद की। जांच एजेंसियों का दावा है कि उसने एक शिकायतकर्ता पर इस्लाम अपनाने का दबाव बनाया। साथ ही पीड़ितों को आरोपियों के खिलाफ शिकायत न करने के लिए भी उकसाया।
निदा खान की अग्रिम जमानत खारिज
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार निदा खान ने नासिक कोर्ट में अग्रिम जमानत की अर्जी लगाई थी। लेकिन इस महीने की शुरुआत में कोर्ट ने उसे खारिज कर दिया। सुनवाई के दौरान सरकारी वकील ने कहा कि हिरासत में पूछताछ जरूरी है। केस में डिजिटल सबूत, गवाहों के बयान और नासिक से बाहर तक के कनेक्शन सामने आए हैं।
SIT ने कोर्ट में क्या बताया?
प्राप्त जानकारियों के मुताबिक नासिक पुलिस कमिश्नर के आदेश पर बनी SIT इस केस की जांच कर रही है। SIT ने कोर्ट को बताया कि निदा ने एक शिकायतकर्ता को धार्मिक रीति-रिवाजों से जोड़ने की कोशिश की। उसे हिजाब और बुर्का पहनने के लिए कहा गया। धार्मिक सामग्री और मोबाइल ऐप भी शेयर किए गए।
वहीं सरकारी पक्ष का आरोप है कि शिकायतकर्ता का नाम बदलने की प्लानिंग थी। सह-आरोपियों ने पीड़िता के जरूरी दस्तावेज भी अपने पास रख लिए थे। जांच का दायरा मालेगांव से मलेशिया तक पहुंच गया है। शक है कि नौकरी का लालच देकर भी फंसाया गया।
वकील का दावा- गर्भवती है निदा
गौरतलब है कि निदा खान के वकील ने कोर्ट में कहा था कि वह गर्भवती है और मुंबई में रह रही है। बचाव पक्ष ने दलील दी कि महाराष्ट्र में जबरन धर्म परिवर्तन रोकने का कोई खास कानून नहीं है। उन्होंने जबरन धर्मांतरण के आरोपों से इनकार किया था। फिलहाल पुलिस निदा से पूछताछ कर रही है।


