TVK का बड़ा ऐलान! यदि DMK-AIADMK ने सरकार बनाई तो विजय के 108 MLA देंगे इस्तीफा
TVK के अंदरूनी सूत्रों ने बताया कि पार्टी का यह फैसला DMK की हालिया रणनीति के बाद आया है। DMK ने MK स्टालिन को इमरजेंसी फैसले लेने का अधिकार दिया है। पार्टी का तर्क है कि TVK के पास बहुमत नहीं है।

नई दिल्ली: तमिलनाडु की राजनीति में बहुमत को लेकर चल रही खींचतान अब बड़े टकराव की तरफ बढ़ रही है। सूत्रों के मुताबिक यदि DMK या AIADMK सरकार बनाने का दावा करती हैं तो TVK अपने सभी 108 विधायकों से इस्तीफा दिलवा सकती है। इस कदम से राज्य में राजनीतिक अस्थिरता और गहरा सकती है। TVK ने साफ कर दिया है कि वह विपक्षी दलों की किसी भी कोशिश पर सख्त रुख अपनाएगी।
DMK के फैसले के बाद TVK का कड़ा स्टैंड
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार TVK के अंदरूनी सूत्रों ने बताया कि पार्टी का यह फैसला DMK की हालिया रणनीति के बाद आया है। DMK ने MK स्टालिन को इमरजेंसी फैसले लेने का अधिकार दिया है। पार्टी का तर्क है कि TVK के पास बहुमत नहीं है। इसके जवाब में TVK ने 108 विधायकों के इस्तीफे वाला दांव चलने की तैयारी कर ली है।
DMK-AIADMK के गठबंधन का बढ़ा शक
दरअसल तमिलनाडु में कांग्रेस ने TVK को समर्थन देने का ऐलान किया है। लेकिन बाकी दलों से TVK को अभी कोई पॉजिटिव रिस्पॉन्स नहीं मिला। TVK ने वामदलों से भी संपर्क किया है। लेफ्ट पार्टियों ने इस पर कल फैसला लेने की बात कही है। इस बीच DMK काफी एक्टिव हो गई है।
AIADMK में भी हलचल तेज है। TVK को शक है कि दोनों पुराने विरोधी दल उसे सरकार बनाने से रोकने के लिए साथ आ सकते हैं। अगर DMK और AIADMK हाथ मिलाते हैं तो यह तमिलनाडु की सियासत में बड़ा उलटफेर होगा। सालों से दोनों पार्टियों के बीच सीधी टक्कर होती रही है।
विधायकों को लेकर दोनों दलों के फरमान
वहीं AIADMK ने अपने विधायकों को दो दिन और शांत रहने और इंतजार करने को कहा है। वहीं DMK ने अपने MLA को चेन्नई से बाहर न जाने के निर्देश दिए हैं। इन आदेशों के बाद अटकलों का बाजार गर्म है। राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं।
किसके पास कितनी सीटें?
गौरतलब है कि चुनाव नतीजों में TVK को 108 सीटें मिली हैं। DMK के पास 59 और AIADMK के पास 47 विधायक हैं। कांग्रेस को 5 और PMK को 4 सीटें मिली हैं। IUML, भाकपा, माकपा और VCK ने 2-2 सीटें जीती हैं। भाजपा, DMDK और AMMK को 1-1 सीट पर जीत मिली है। बहुमत का आंकड़ा न मिलने से सरकार गठन को लेकर सस्पेंस अभी भी बना हुआ है।


