ईरान से समझौते के बाद ट्रंप बना रहे है पाकिस्तान दौरे का प्लान? अमेरिकी राष्ट्रपति ने दिए चौंकाने वाला संकेत

अमेरिका और ईरान के बीच चल रही अहम बातचीत ने नया मोड़ ले लिया है. वही, ट्रंप ने अपने ताजा बयान में अमेरिका-ईरान के बीच चल रही शांति वार्ता में पाकिस्तान की भूमिका की की प्रशंसा की और वार्ता को रचनात्मक बताया.

Shraddha Mishra

अमेरिका और ईरान के बीच चल रही अहम बातचीत अब एक निर्णायक मोड़ पर पहुंचती दिख रही है. इसी बीच डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा संकेत देते हुए कहा है कि अगर यह शांति समझौता सफल होता है, तो वह पाकिस्तान की यात्रा करने पर विचार कर सकते हैं. इस बयान ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल बढ़ा दी है.

व्हाइट हाउस से लास वेगास के लिए रवाना होते समय ट्रंप ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है और इसमें पाकिस्तान की भूमिका सराहनीय रही है. उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी मध्यस्थों ने बातचीत को आगे बढ़ाने में "बहुत अच्छा काम" किया है.

समझौते की दिशा में तेजी

ट्रंप ने संकेत दिया कि दोनों देशों के बीच वार्ता का अगला दौर जल्द ही, संभवतः सप्ताहांत में हो सकता है. उन्होंने भरोसा जताया कि बातचीत सही दिशा में है और जल्द ही कोई ठोस नतीजा सामने आ सकता है. उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान में अमेरिका का पूरा ध्यान ईरान के साथ इस समझौते को अंतिम रूप देने पर है. ट्रंप के अनुसार, बाजार की स्थिति और तेल की कीमतों में गिरावट भी इस बात का संकेत है कि हालात बेहतर हो रहे हैं और समझौते की संभावना मजबूत है.

पाकिस्तान यात्रा पर क्या बोले ट्रंप?

ट्रंप ने साफ शब्दों में कहा कि अगर इस्लामाबाद में समझौता होता है, तो वह पाकिस्तान जाने के लिए तैयार हैं. उन्होंने यह भी जोड़ा कि पाकिस्तान की ओर से उन्हें आमंत्रण मिला है और वे इस पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं. यह बयान न केवल कूटनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है, बल्कि इससे यह भी संकेत मिलता है कि पाकिस्तान इस पूरे घटनाक्रम में एक अहम भूमिका निभा रहा है.

क्या ईरान सौंपेगा समृद्ध यूरेनियम?

ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर ट्रंप ने दोहराया कि अमेरिका की सबसे बड़ी प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि ईरान के पास परमाणु हथियार न हों. उन्होंने दावा किया कि इस मुद्दे पर दोनों पक्षों के बीच सहमति बन चुकी है. ट्रंप के अनुसार, ईरान ने इस बात पर सहमति जताई है कि वह परमाणु हथियार नहीं बनाएगा. उन्होंने यह भी कहा कि हाल ही में हुए सैन्य हमलों के बाद ईरान ने अपने गहराई में दबे परमाणु सामग्री को वापस करने पर भी सहमति दी है.

समझौता नहीं हुआ तो क्या?

हालांकि ट्रंप ने बातचीत को सकारात्मक बताया, लेकिन उन्होंने चेतावनी भी दी कि अगर यह समझौता सफल नहीं होता है, तो हालात फिर से तनावपूर्ण हो सकते हैं. उन्होंने साफ किया कि अमेरिका ईरान के साथ फिलहाल सौहार्दपूर्ण तरीके से आगे बढ़ रहा है, लेकिन जरूरत पड़ने पर सख्त रुख अपनाने से भी पीछे नहीं हटेगा.

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