अमेरिका में 4 जुलाई यानी इंडिपेंडेंस डे के दिन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक खास अंदाज़ में 'Big Beautiful Bill' पर साइन करने जा रहे हैं। ट्रंप ने ऐलान किया है कि जैसे ही वे इस बिल पर दस्तखत करेंगे, ठीक उसी वक्त व्हाइट हाउस के ऊपर से अमेरिका के एडवांस जंगी विमान B-2, F-22 और F-35 उड़ान भरते नजर आएंगे.
यह हाई-प्रोफाइल एयर शो न सिर्फ ट्रंप की जीत का प्रतीक बनेगा, बल्कि अमेरिकी वायुसेना को इससे करोड़ों का खर्च भी झेलना पड़ेगा। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस शो पर करीब 2 मिलियन डॉलर (लगभग 16.7 करोड़ रुपये) का खर्च आ सकता है। आइए जानते हैं पूरा मामला
79 वर्षीय ट्रंप ने जॉइंट बेस एंड्रयूज से पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि वे 4 जुलाई को शाम करीब 5 बजे इस ऐतिहासिक बिल पर साइन करेंगे। इसी दौरान अमेरिकी वायुसेना के अत्याधुनिक फाइटर जेट्स व्हाइट हाउस के ऊपर से उड़ान भरेंगे. "हम लगभग 5 बजे हस्ताक्षर कर रहे हैं, और लगभग 5 बजे, B2, F22 और F35 विमान व्हाइट हाउस के ठीक ऊपर से उड़ान भरेंगे।"
ट्रंप इस समय ‘Big Beautiful Bill’ को पास होने से बेहद उत्साहित हैं। इस बिल को हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में 218-214 के बेहद मामूली अंतर से पास किया गया है। जबकि सभी डेमोक्रेट्स ने इसके खिलाफ वोट किया और दो रिपब्लिकन नेताओं ने भी पार्टी लाइन से हटकर इसका विरोध किया. बिल अब राष्ट्रपति ट्रंप के दस्तखत का इंतजार कर रहा है, जिसके बाद यह विधेयक कानूनी रूप से प्रभावी हो जाएगा.
रिपोर्ट्स के मुताबिक, B-2 बॉम्बर की प्रति घंटे की ऑपरेटिंग कॉस्ट लगभग $150,741 है.
F-22 रैप्टर की प्रति घंटे की लागत करीब $85,325 है.
F-35A फाइटर जेट की प्रति घंटे की उड़ान लागत $42,000 बताई गई है.
अगर उड़ान का समय B-2 बॉम्बर्स के लिए लगभग 4 घंटे (मिसौरी से) और बाकी फाइटर जेट्स के लिए 2 घंटे (वर्जीनिया या मैरीलैंड से) माना जाए, और अगर 2 B-2, 3 F-22 और 3 F-35 विमान उड़ते हैं, तो इस शो पर कुल अनुमानित खर्च लगभग 2 मिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है.
हालांकि ट्रंप ने ये साफ नहीं किया कि कौन से विमान के कितने यूनिट उड़ान भरेंगे। इसलिए अंतिम खर्च का आंकड़ा व्हाइट हाउस की ओर से तभी सामने आएगा जब वायुसेना की ओर से फाइनल फ्लाइट स्क्वाड्रन की पुष्टि की जाएगी.
यह बिल कर और सरकारी खर्च को लेकर है, जिसमें शिक्षा, टैक्स छूट, और हेल्थ फंडिंग से जुड़े बड़े बदलाव किए गए हैं। जहां एक ओर ट्रंप इसे ‘देश को रॉकेट शिप’ में बदलने वाला बता रहे हैं, वहीं विपक्ष और कई विशेषज्ञों का मानना है कि इससे मध्यमवर्ग और छात्रों को नुकसान हो सकता है. First Updated : Friday, 04 July 2025