अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर ब्रिक्स देशों को चेतावनी दी है कि अगर उन्होंने डॉलर की जगह कोई नई करेंसी बनाने की कोशिश की, तो उन देशों को 100 प्रतिशत टैरिफ का सामना करना पड़ेगा. ट्रंप ने साफ कहा कि ब्रिक्स देशों को अमेरिकी डॉलर के खिलाफ कोई कदम नहीं उठाना चाहिए, वरना अमेरिका अपने बाजार को उनके लिए बंद कर देगा.
ट्रंप ने कहा, "ब्रिक्स देशों को यह भरोसा दिलाना होगा कि वे डॉलर को बदलने के लिए कोई नई करेंसी नहीं बनाएंगे, और न ही किसी और करेंसी का समर्थन करेंगे. अगर ऐसा हुआ तो उन्हें अमेरिका के बाजार में कोई जगह नहीं मिलेगी." उन्होंने यह भी कहा कि अगर ब्रिक्स देशों ने ऐसी कोई कोशिश की, तो अमेरिका को अलविदा कहना पड़ेगा.
ब्रिक्स देशों के लिए यह चेतावनी खासकर भारत के लिए चिंता का विषय है, क्योंकि भारत भी ब्रिक्स का हिस्सा है. ट्रंप ने पहले भी यह कहा था कि अगर ब्रिक्स देश डॉलर के खिलाफ कुछ करते हैं तो उन्हें इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे.
इस चेतावनी के बाद ब्रिक्स देशों को यह समझना होगा कि डॉलर से बाहर जाने की कोशिश करने पर उन्हें अमेरिका से मुश्किलें हो सकती हैं. ट्रंप का कहना है कि अमेरिका ब्रिक्स देशों पर प्रभाव रखता है और वह उन्हें अपनी इच्छा के मुताबिक कदम उठाने की इजाजत नहीं देगा.
ब्रिक्स देशों ने डॉलर पर निर्भरता कम करने के लिए काम करना शुरू किया है, और इस दिशा में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भी समर्थन कर चुके हैं. 2023 में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में पुतिन ने कहा था कि ब्रिक्स देशों को अपनी राष्ट्रीय मुद्राओं का इस्तेमाल बढ़ाना चाहिए और बैंकों के बीच सहयोग को और बढ़ाना चाहिए. ट्रंप की चेतावनी से ब्रिक्स देशों के सामने बड़ी चुनौती आ गई है, क्योंकि उनकी उम्मीदें अब अमेरिकी दबाव के कारण प्रभावित हो सकती हैं. First Updated : Friday, 31 January 2025