राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को सितंबर के अंत तक सरकार को फंडिंग करने के लिए एक विधेयक पर हस्ताक्षर किए, जिससे अमेरिका में फिलहाल के लिए शटडाउन की स्थिति फिलहाल टल गई है. ट्रंप ने यह हस्ताक्षर ऐसे समय पर किए हैं, जब उनके प्रशासन और हाउस स्पीकर का चुनाव होना है. बता दें कि रिपब्लिकन की ओर से माइक जॉनसन हाउस स्पीकर के लिए उम्मीदवार हैं. फंडिंग काफी हद तक जो बिडेन के कार्यकाल के अनुरूप ही है. लेकिन इस बार रक्षा व्यय में 13 बिलियन अमरीकी डॉलर की कटौती की, जबकि रक्षा निधि में 6 बिलियन अमरीकी डॉलर की वृद्धि की, जिससे कुल व्यय पैकेज लगभग 1.7 ट्रिलियन अमरीकी डॉलर हो गया.
सीनेट ने शुक्रवार को 54-46 मतों से विधेयक को मंजूरी दे दी क्योंकि 10 डेमोक्रेटिक सीनेटरों ने अपनी पार्टी के भीतर से कड़े विरोध के बावजूद इस उपाय का समर्थन किया. सदन के कई डेमोक्रेट्स ने अपने सीनेट सहयोगियों से इस विधेयक को पूरी तरह से खारिज करने का आग्रह किया था, उनका तर्क था कि यह स्वास्थ्य सेवा और आवास जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रमों को कमतर आंकता है जबकि ट्रंप को संघीय निधियों को पुनर्निर्देशित करने का व्यापक अधिकार देता है.
कई दिनों तक सीनेट डेमोक्रेट इस बात पर बहस करते रहे कि क्या विरोध में सरकार को बंद किया जाए, क्योंकि वे इस बात से नाराज थे कि सदन में रिपब्लिकन ने बिना उनकी राय के ही बिल तैयार करके पास कर दिया. अंत में कई डेमोक्रेट ने अनिच्छा से इस उपाय का समर्थन किया, क्योंकि उन्हें डर था कि शटडाउन से ट्रंप को पूरी एजेंसियों को गैर-जरूरी मानने की और भी अधिक शक्ति मिल जाएगी, जिससे संभावित रूप से स्थायी नौकरियां खत्म हो जाएंगी.
सीनेट डेमोक्रेटिक नेता चक शूमर ने चेतावनी दी कि सरकार को बंद करने से एलन मस्क के नेतृत्व में नव स्थापित सरकारी दक्षता विभाग (DOGE) के माध्यम से प्रमुख संघीय कार्यक्रमों को खत्म करने की ट्रंप की योजनाओं में तेजी आएगी. शूमर ने कहा कि शटडाउन से DOGE को ओवरड्राइव में जाने का मौका मिलेगा.डोनाल्ड ट्रंप और एलन मस्क महत्वपूर्ण सरकारी सेवाओं को बहुत तेज़ गति से नष्ट करने के लिए स्वतंत्र होंगे.
इस सप्ताह के शुरूआत में सदन में विधेयक का पारित होना ट्रंप और स्पीकर माइक जॉनसन के लिए एक बड़ी जीत थी, जिन्होंने डेमोक्रेटिक समर्थन के बिना ही विधेयक को पारित करने के लिए रिपब्लिकन सांसदों को सफलतापूर्वक एकजुट कर लिया. ट्रंप और जीओपी नेताओं ने इसे अधिक राजकोषीय नियंत्रण और मजबूत रक्षा निधि की ओर एक कदम के रूप में सराहा है. अब सरकार को सितंबर तक वित्त पोषित किया गया है, आने वाले महीनों में दीर्घकालिक खर्च को लेकर लड़ाई तेज होने वाली है. First Updated : Sunday, 16 March 2025