ट्रंप ने ईरान को दे डाली चेतावनी, बोले- अब और अच्छा नहीं बनना
US राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के बारे में बेहद कड़ा बयान दिया है. ट्रंप ने साफ तौर पर कह दिया है कि अब वह "और ज्यादा नरम नहीं" (no more Mr. Nice Guy) वाले मूड में हैं, इसका सीधा मतलब यह है कि वह कूटनीतिक नरमी को छोड़कर ज्यादा आक्रामक रुख अपनाने का इरादा रखते हैं.

US राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ तौर पर कह दिया है कि अब वह "और ज्यादा नरम नहीं" (no more Mr. Nice Guy) वाले मूड में हैं, जो ईरान के प्रति कड़ा रुख अपनाने की ओर एक संकेत है. इसके साथ ही, एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि US पासपोर्ट पर उनकी तस्वीर लगाने की योजना पर काम चल रहा हो सकता है. इन दो घटनाओं ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर एक नई बहस छेड़ दी है.
डोनाल्ड ट्रंप का नया तेवर
डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के बारे में बेहद कड़ा बयान दिया है. उन्होंने जोर देकर कहा कि ईरान अपनी स्थिति को संभालने में नाकाम हो रहा है और उसे समझ नहीं आ रहा है कि गैर परमाणु यानी, बिना एटमी हथियारों वाला समझौता कैसे किया जाए. ट्रंप का संदेश बिल्कुल साफ था. ईरान को जल्द ही समझदारी दिखानी होगी, वरना स्थिति और भी मुश्किल हो सकती है. उनके ये शब्द, "उन्हें जल्द ही अकल आ जानी चाहिए!" साफ तौर पर दिखाते हैं कि अब वह सुलह के मूड में नहीं हैं। इसके बाद, कच्चे तेल की कीमतें बढ़कर $114 प्रति बैरल तक पहुंच गई.
ऐसा क्यों बोले ट्रंप
ट्रंप की "और ज्यादा नरम नहीं" वाली घोषणा को सिर्फ एक जुमले से कहीं ज्यादा माना जा रहा है. इसे उनकी रणनीतिक मंशा का संकेत माना जा रहा है. इसका सीधा मतलब यह है कि वह कूटनीतिक नरमी को छोड़कर ज्यादा आक्रामक रुख अपनाने का इरादा रखते हैं. अंतरराष्ट्रीय मामलों में ऐसे बयान अक्सर दबाव डालने के लिए दिए जाते हैं, ताकि विरोधी पक्ष जल्दबाजी में कोई फैसला लेने पर मजबूर हो जाए. इस बीच, एक रिपोर्ट बताती है कि US अपने पासपोर्ट पर डोनाल्ड ट्रंप की तस्वीर लगाने पर विचार कर रहा हो सकता है. अगर ऐसा होता है, तो यह एक बड़ा प्रतीकात्मक बदलाव होगा.
ट्रंप की घोषणा
US और ईरान के बीच शांति की बात रुक गई है. खासकर ट्रंप की उस घोषणा के बाद कि वह पाकिस्तान में US का कोई प्रतिनिधिमंडल नहीं भेजेंगे. जब इन दोनों घटनाओं को एक साथ देखा जाता है, तो यह साफ हो जाता है कि ट्रंप अपनी छवि एक मजबूत और निर्णायक नेता के तौर पर पेश करना चाहते हैं. आमतौर पर ऐसे कदम कोई राजनीतिक संदेश देने के लिए उठाए जाते हैं, जो समर्थकों में जोश भरने का काम करते हैं और साथ ही राजनीतिक विरोधियों पर दबाव भी डालते हैं.
क्या इससे तनाव बढ़ेगा?
ईरान और US के बीच संबंध पहले से ही तनावपूर्ण रहे हैं. ऐसे माहौल में, इस तरह के बयान तनाव को और भी ज्यादा बढ़ा सकते हैं. अगर ईरान इस पर कोई कड़ी प्रतिक्रिया देता है, तो कूटनीतिक गतिरोध और भी गहरा सकता है. इसके विपरीत, अगर बातचीत आगे बढ़ती है, तो यह बयान दबाव बनाने की एक रणनीति भी साबित हो सकता है. ईरान इस बयान पर कैसी प्रतिक्रिया देता है, और अमेरिका के भीतर पासपोर्ट से जुड़े प्रस्ताव को लेकर क्या आधिकारिक फैसला लिया जाता है.


