अमेरिका-इजरायल को तुर्की की सख्त चेतावनी, एर्दोगन बोले- नहीं रुके हमले तो होंगे गंभीर परिणाम

तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप एर्दोगन ने अमेरिका-इजरायल के ईरान पर हमलों की कड़ी निंदा करते हुए चेतावनी दी कि अगर कार्रवाई नहीं रोकी गई तो क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा पर गंभीर असर पड़ सकता है. तुर्की ने शांति और कूटनीति पर जोर दिया है.

Shraddha Mishra

नई दिल्ली: मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप एर्दोगन ने अमेरिका और इजरायल की कार्रवाई पर तीखी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अगर हालात को तुरंत नहीं संभाला गया तो पूरा क्षेत्र बड़े संकट में फंस सकता है. अंकारा में आयोजित रमजान इफ्तार कार्यक्रम के दौरान उनका बयान सामने आया, जिसने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल बढ़ा दी है. एर्दोगन ने चेतावनी दी कि यह संघर्ष सिर्फ दो देशों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरी दुनिया की सुरक्षा को प्रभावित कर सकता है.

तुर्की की राजधानी अंकारा में सत्तारूढ़ दल जस्टिस एंड डेवलपमेंट पार्टी (AKP) के मुख्यालय में आयोजित इफ्तार कार्यक्रम में एर्दोगन ने अमेरिका-इजरायल के हमलों की खुलकर निंदा की. उन्होंने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया और कहा कि यदि इन हमलों को नहीं रोका गया तो इसके गंभीर क्षेत्रीय और वैश्विक परिणाम हो सकते हैं. उन्होंने आगे कहा कि तुर्की अपने नागरिकों और देश की सुरक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठा रहा है.

शांति और कूटनीति पर जोर

तुर्की के राष्ट्रपति ने साफ किया कि उनका देश शांति के पक्ष में खड़ा है. उन्होंने कहा कि क्षेत्र में जारी खूनखराबा और आम लोगों की पीड़ा को तुरंत रोका जाना चाहिए. एर्दोगन ने दोहराया कि तुर्की स्थायी शांति चाहता है और इसके लिए हर स्तर पर बातचीत जारी रखेगा. उन्होंने यह भी कहा कि जब तक युद्धविराम सुनिश्चित नहीं हो जाता, तब तक तुर्की कूटनीतिक प्रयासों को जारी रखेगा. उनका मानना है कि संवाद ही इस संकट का एकमात्र समाधान है.

पहले भी जता चुके हैं चिंता

शनिवार को दिए गए एक अन्य बयान में एर्दोगन ने कहा था कि अमेरिका-इजरायल की कार्रवाई से तुर्की को गहरा दुख हुआ है. उन्होंने आरोप लगाया कि यह स्थिति इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की उकसाने वाली नीतियों का परिणाम है. इस्तांबुल में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि ये हमले ईरान की संप्रभुता का उल्लंघन हैं और इससे वहां की जनता की शांति खतरे में पड़ गई है. 

तुर्की के राष्ट्रपति ने खाड़ी देशों पर ईरान द्वारा किए गए मिसाइल और ड्रोन हमलों की भी आलोचना की. उनका कहना था कि चाहे कारण कुछ भी हो, इस तरह की कार्रवाई स्वीकार नहीं की जा सकती. एर्दोगन ने चेताया कि यदि कूटनीति को मौका नहीं दिया गया तो पूरा क्षेत्र आग की चपेट में आ सकता है. उन्होंने इस्लामी देशों समेत सभी पक्षों से अपील की कि वे तुरंत कदम उठाएं और हालात को बिगड़ने से रोकें. 

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