नई दिल्ली: मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य एक बार फिर वैश्विक चिंता का केंद्र बन गया है. दो तेल टैंकरों में आग लगने की घटना के बाद ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने बड़ा दावा किया है. ईरान का कहना है कि इन जहाजों पर किसी तरह का हमला नहीं किया गया, बल्कि वे बारूदी सुरंग (माइनफील्ड) वाले रास्ते से गुजर रहे थे, जिसकी वजह से धमाका हुआ.
दूसरी ओर अमेरिका का आरोप है कि ईरानी बल क्षेत्र में जहाजों को निशाना बना रहे हैं। दोनों देशों के विरोधाभासी दावों ने हालात को और तनावपूर्ण बना दिया है.
ईरान के सरकारी मीडिया के अनुसार, IRGC ने कहा है कि दोनों तेल टैंकरों को पहले ही चेतावनी दी गई थी कि वे माइनफील्ड वाले क्षेत्र में प्रवेश न करें. इसके बावजूद जहाज कथित तौर पर उसी रास्ते से आगे बढ़े, जहां बारूदी सुरंगें मौजूद थी.
ईरान का आरोप है कि अमेरिकी एजेंसियों ने जहाजों को सुरक्षित मार्ग की बजाय खतरनाक रास्ता दिखाया, जिसके कारण यह हादसा हुआ. हालांकि, ईरान के इन दावों की अभी तक किसी स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय एजेंसी या संबंधित जहाजों के मालिक देशों ने पुष्टि नहीं की है.
IRGC का कहना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य के कुछ हिस्सों में गंभीर खतरा बना हुआ है और वहां आवाजाही सीमित कर दी गई है. ईरान का दावा है कि जो भी जहाज सुरक्षा चेतावनियों को नजरअंदाज करेंगे, वे बड़े हादसे का शिकार हो सकते हैं. इसी कारण संवेदनशील समुद्री मार्गों को बंद रखने का फैसला लिया गया है.
ईरान ने यह भी कहा है कि जब तक क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई जारी रहेगी, तब तक होर्मुज से तेल और गैस की सुरक्षित आवाजाही संभव नहीं होगी. ईरानी अधिकारियों का कहना है कि उनकी नौसेना हालात पर नजर रख रही है और जरूरत पड़ने पर सख्त कदम उठाए जाएंगे.
इस बीच खाड़ी क्षेत्र में भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। कुवैत ने दावा किया है कि उसने ईरान की दिशा से आने वाले संदिग्ध ड्रोन पर नजर रखी है. बहरीन में एहतियात के तौर पर सायरन बजाए गए, जबकि सऊदी अरब ने अपने नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है.
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है. ऐसे में यहां बढ़ता तनाव वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर भी असर डाल सकता है. फिलहाल दोनों देशों के दावों के बीच सच्चाई की स्वतंत्र पुष्टि का इंतजार है. First Updated : Saturday, 18 July 2026