नई दिल्ली: ब्रिटेन की राजनीति में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है. देश के प्रधानमंत्री और लेबर पार्टी के नेता कीर स्टारमर ने अपने पद से इस्तीफा देने का ऐलान कर दिया है. पिछले कुछ समय से पार्टी के भीतर बढ़ते दबाव और नेतृत्व को लेकर उठ रहे सवालों के बीच लिया गया यह फैसला ब्रिटिश राजनीति के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है. स्टारमर के इस्तीफे के साथ ही ब्रिटेन एक बार फिर नए नेतृत्व की ओर बढ़ रहा है और राजनीतिक गलियारों में भविष्य की संभावनाओं को लेकर चर्चा तेज हो गई है.
इस्तीफे की घोषणा के बाद कीर स्टारमर अपनी पत्नी के साथ 10 डाउनिंग स्ट्रीट से बाहर आए. इस दौरान वहां मौजूद लोगों ने उनका स्वागत किया और तालियों के साथ उन्हें विदाई दी. अपने संबोधन में स्टारमर ने कहा कि दो वर्ष पहले प्रधानमंत्री आवास तक पहुंचना उनके जीवन के सबसे गौरवपूर्ण पलों में से एक था. उन्होंने बताया कि राजनीति में आने का उनका उद्देश्य आम लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना था.
अपने भाषण में स्टारमर ने अपने कार्यकाल की कई उपलब्धियों को गिनाया. उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने अर्थव्यवस्था को मजबूत करने, निवेश बढ़ाने और रोजगार के अवसर पैदा करने की दिशा में काम किया. उनके अनुसार वेतन वृद्धि की रफ्तार महंगाई से आगे रही और कई बड़े विकास कार्यों को आगे बढ़ाया गया. उन्होंने यह भी दावा किया कि स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए कदम उठाए गए, जिससे अस्पतालों में इलाज के लिए इंतजार करने वालों की संख्या कम हुई. साथ ही श्रमिकों और किरायेदारों के अधिकारों को मजबूत करने के लिए भी कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए.
स्टारमर ने कहा कि उनकी सरकार ने कामकाजी वर्ग के हितों को प्राथमिकता दी. उन्होंने दावा किया कि हाल के वर्षों में श्रमिकों के अधिकारों को लेकर सबसे बड़े सुधार किए गए. इसके अलावा कई नीतियों के जरिए गरीब और जरूरतमंद परिवारों को राहत पहुंचाने का प्रयास किया गया. उनके मुताबिक, सरकार की योजनाओं से बड़ी संख्या में बच्चों को गरीबी के दायरे से बाहर निकालने में मदद मिली. रक्षा क्षेत्र में भी निवेश बढ़ाया गया और राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने के लिए कई फैसले लिए गए.
हालांकि, सरकार की उपलब्धियों के दावों के बावजूद स्टारमर को लगातार आलोचनाओं का सामना करना पड़ा. कई मुद्दों पर नीतियों में बदलाव और चुनावी वादों को पूरी तरह पूरा न कर पाने के आरोपों ने उनकी स्थिति कमजोर कर दी. विपक्ष के साथ-साथ उनकी अपनी पार्टी के कई नेताओं ने भी नेतृत्व को लेकर सवाल उठाने शुरू कर दिए थे. पार्टी के भीतर असंतोष उस समय और बढ़ गया जब कुछ वरिष्ठ नेताओं ने खुले तौर पर नेतृत्व परिवर्तन की मांग करनी शुरू कर दी. कई सांसदों ने सार्वजनिक रूप से उनसे इस्तीफा देने या पद छोड़ने की समयसीमा तय करने की बात कही.
लेबर पार्टी के भीतर नेतृत्व को लेकर चल रही खींचतान ने स्टारमर पर अतिरिक्त दबाव बनाया. पार्टी के कई सांसदों का मानना था कि आगामी राजनीतिक चुनौतियों का सामना करने के लिए नए नेतृत्व की जरूरत है. इसी माहौल में नेतृत्व परिवर्तन की मांग तेज होती चली गई और अंततः स्टारमर ने पद छोड़ने का फैसला किया. स्टारमर के इस्तीफे के बाद अब ब्रिटेन को एक नया प्रधानमंत्री मिलने जा रहा है. पिछले कुछ वर्षों में देश ने लगातार नेतृत्व परिवर्तन देखे हैं, जिसने राजनीतिक स्थिरता को लेकर बहस को और तेज कर दिया है. First Updated : Monday, 22 June 2026