वाइट हाउस के नीचे बन रहा अंडरग्राउंड मिलिट्री कॉम्प्लेक्स, ट्रंप के खुलासे से मचा हड़कंप

डोनाल्ड ट्रंप ने खुलासा किया कि वॉइट हाउस के नए बॉलरूम के नीचे अमेरिकी सेना एक आधुनिक अंडरग्राउंड बंकर और कमांड सेंटर बना रही है. यह नया कॉम्प्लेक्स पुराने इमरजेंसी ऑपरेशंस सेंटर की जगह लेगा और परमाणु व ड्रोन हमलों से सुरक्षा देने में सक्षम होगा.

Suraj Mishra
Edited By: Suraj Mishra

अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने वॉइट हाउस में प्रस्तावित बॉलरूम प्रोजेक्ट को लेकर एक बड़ा खुलासा किया है, जिसने राजनीतिक और सुरक्षा हलकों में नई बहस छेड़ दी है. ट्रंप ने बताया कि वॉइट हाउस में बनाए जा रहे इस भव्य बॉलरूम के नीचे अमेरिकी सेना एक अत्याधुनिक अंडरग्राउंड सैन्य कॉम्प्लेक्स तैयार कर रही है. यह कॉम्प्लेक्स भविष्य में बंकर और कमांड सेंटर के रूप में काम करेगा और पुराने इमरजेंसी ऑपरेशंस सेंटर की जगह लेगा.

ट्रंप ने क्या कहा? 

ट्रंप ने एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि इस गुप्त निर्माण की जानकारी हाल ही में एक कानूनी विवाद के चलते सामने आई है. यह विवाद बॉलरूम के निर्माण को रोकने की मांग से जुड़ा हुआ है. ट्रंप ने इसे “बेवजह का मुकदमा” बताते हुए कहा कि परियोजना पर तेजी से काम चल रहा है और इसे बेहद आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जा रहा है.

दरअसल, इस बॉलरूम प्रोजेक्ट को ट्रंप के महत्वाकांक्षी और व्यक्तिगत पसंद से जुड़े प्रोजेक्ट के तौर पर देखा जा रहा है, जिसकी अनुमानित लागत करीब 400 मिलियन डॉलर बताई जा रही है. इस निर्माण के लिए वॉइट हाउस के ईस्ट विंग को अक्टूबर में ध्वस्त कर दिया गया था. इसी स्थान के नीचे पहले द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान एक सैन्य बंकर बनाया गया था, जिसे अब नए अंडरग्राउंड कॉम्प्लेक्स से बदला जा रहा है.

बताया जा रहा है कि यह नया भूमिगत ढांचा अत्याधुनिक सुरक्षा मानकों पर आधारित होगा, जिसमें परमाणु हमलों, ड्रोन हमलों और अन्य आपात स्थितियों से बचाव के लिए विशेष इंतजाम किए जाएंगे. ट्रंप के अनुसार, बॉलरूम केवल इस गुप्त संरचना को कवर करने का काम करेगा. उन्होंने बॉलरूम के डिजाइन की तस्वीर भी साझा की, जिसमें इसे बुलेटप्रूफ और ड्रोन-रोधी बताया गया है.

ट्रंप के फैसले की आलोचना

हालांकि, इस फैसले को लेकर काफी आलोचना भी हो रही है. कई विशेषज्ञों और विपक्षी नेताओं का मानना है कि ईस्ट विंग जैसे ऐतिहासिक हिस्से को गिराने से पहले जरूरी अनुमतियां नहीं ली गईं. इस कारण यह प्रोजेक्ट विवादों में घिर गया है.

गौरतलब है कि द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान राष्ट्रपति फ्रैंकलिन डी. रूजवेल्ट ने ईस्ट विंग के नीचे एक सुरक्षित बंकर बनवाया था, जिसे प्रेसिडेंशियल इमरजेंसी ऑपरेशंस सेंटर कहा जाता था. इसका उद्देश्य संकट की स्थिति में राष्ट्रपति को सुरक्षित ठिकाना और संचार सुविधा प्रदान करना था. अब उसी की जगह यह नया हाई-टेक अंडरग्राउंड कॉम्प्लेक्स लेने जा रहा है.

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