ट्रंप के चीन से लौटते ही बड़ा धमाका! ईरान पर फिर हमला करने को तैयार अमेरिका और इजराइल
इजराइली चैनल 12 की एक रिपोर्ट में वरिष्ठ अधिकारी के हवाले से कहा गया है कि नया संघर्ष अब बहुत करीब है। इसके लिए तैयारियां तेज हो गई हैं। अधिकारी का मानना है कि यह लड़ाई कुछ दिन से लेकर कई हफ्तों तक चल सकती है।

नई दिल्ली: मिडिल ईस्ट में हालात फिर से बिगड़ते दिख रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अगले 24 घंटे में ईरान के खिलाफ बड़ी सैन्य कार्रवाई पर फैसला ले सकते हैं। इजराइल भी दोबारा हमले शुरू करने की तैयारी में है। ट्रंप 15 मई को चीन दौरे से अमेरिका लौटे हैं और उनकी वापसी के तुरंत बाद यह अपडेट सामने आया है।
इजराइली अधिकारी ने दी चेतावनी
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इजराइली चैनल 12 की एक रिपोर्ट में वरिष्ठ अधिकारी के हवाले से कहा गया है कि नया संघर्ष अब बहुत करीब है। इसके लिए तैयारियां तेज हो गई हैं। अधिकारी का मानना है कि यह लड़ाई कुछ दिन से लेकर कई हफ्तों तक चल सकती है। इजराइल लंबे समय से ईरान के परमाणु कार्यक्रम को अपने लिए बड़ा खतरा मानता रहा है।
अमेरिका और इजराइल की संयुक्त प्लानिंग
न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार अमेरिका और इजराइल मिलकर बड़े स्तर पर सैन्य योजना बना रहे हैं। क्षेत्र में हजारों सैनिकों की तैनाती की गई है। दोनों देश ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमले समेत कई विकल्पों पर चर्चा कर रहे हैं। माना जा रहा है कि यह पूरा कदम ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम को रोकने के लिए उठाया जा रहा है। ट्रंप प्रशासन इस बार ठोस कार्रवाई के मूड में दिख रहा है।
हमले के बाद क्या हो सकता है असर
यदि अमेरिका और इजराइल ईरान पर हमला करते हैं तो पूरे क्षेत्र में हालात बेकाबू हो सकते हैं। ईरान के पास मजबूत मिसाइल क्षमता है। वह लेबनान, सीरिया और यमन में मौजूद अपने सहयोगी गुटों के जरिए जवाबी कार्रवाई कर सकता है। इससे तनाव और फैलने का खतरा है।
इजराइल में सरकार और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं। लगातार उच्च स्तर की बैठकें हो रही हैं। उधर अमेरिका ने भी इलाके में अतिरिक्त सैन्य ताकत भेजनी शुरू कर दी है। दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग पुराना है, लेकिन मौजूदा हालात पहले से ज्यादा गंभीर माने जा रहे हैं।
ट्रंप का ईरान को लेकर कड़ा रुख
गौरतलब है कि डोनाल्ड ट्रंप शुरू से ईरान को लेकर सख्त रहे हैं। अपने पहले कार्यकाल में भी उन्होंने ईरान पर दबाव बनाया था। अब दोबारा राष्ट्रपति बनने के बाद उनका फोकस ईरान के परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह खत्म करने पर है।
इजराइल भी ट्रंप के फैसले का इंतजार कर रहा है, क्योंकि वह ईरान को अपना सबसे बड़ा सुरक्षा खतरा मानता है। फिलहाल पूरी दुनिया की नजर वॉशिंगटन और तेल अवीव पर टिकी है। अगले कुछ घंटे मिडिल ईस्ट की दिशा तय कर सकते हैं।


