अमेरिकी राष्ट्रीय खुफिया निदेशक तुलसी गबार्ड ने घोषणा की है कि वह जापान, थाईलैंड और भारत की यात्रा की योजना के साथ इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के बहु-देशीय दौरे पर जा रही हैं. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के शांति, स्वतंत्रता और स्मृद्धि के लक्ष्यों को साकार करने के लिए "मजबूत संबंध बनाना, समझ को बढ़ावा देना और संचार की खुली लाइनें बनाए रखना" आवश्यक है.
मैं जापान, थाईलैंड और भारत जाऊँगी, और वापस डीसी लौटते समय फ्रांस में कुछ देर के लिए रुकूंगी. मज़बूत रिश्ते, समझ और खुले संचार का निर्माण राष्ट्रपति ट्रम्प के शांति, स्वतंत्रता और समृद्धि के उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए महत्वपूर्ण है. पहला पड़ाव: होनोलुलु जहाँ मैं आईसी भागीदारों और इंडोपैकोम नेताओं और प्रशिक्षण ले रहे हमारे सैनिकों से मिलूँगी."
उल्लेखनीय है कि ट्रम्प प्रशासन के तहत व्हाइट हाउस के किसी वरिष्ठ अधिकारी की यह पहली भारत यात्रा है. तुलसी गबार्ड की यह यात्रा फरवरी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमेरिका यात्रा के बाद हो रही है, जिस दौरान उन्होंने उनसे मुलाकात की थी और उन्हें भारत-अमेरिका साझेदारी की "मजबूत समर्थक" बताया था.
गबार्ड ने प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत करना "सम्मान" बताया और कहा कि वह अमेरिका-भारत मित्रता को और मजबूत बनाने के लिए तत्पर हैं. डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के लिए पदभार संभालने के बाद पीएम मोदी की यह पहली अमेरिका यात्रा थे. व्हाइट हाउस में ट्रंप द्वारा पीएम मोदी का स्वागत किए जाने के बाद दोनों नेताओं ने गर्मजोशी से गले मिलकर एक-दूसरे का अभिवादन किया.
First Updated : Tuesday, 11 March 2025