सीजफायर की डेडलाइन से पहले होगी अमेरिका-ईरान वार्ता? इस्लामाबाद में बढ़ी गतिविधियां

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव के बीच इस्लामाबाद में नई बातचीत की संभावना ने हलचल बढ़ा दी है. सुरक्षा से लेकर तैयारियों तक कई संकेत मिल रहे हैं. इस्लामाबाद के प्रमुख होटलों में भी गतिविधियां तेज हो गई हैं.

Shraddha Mishra

अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से जारी तनाव के बीच अब एक नई उम्मीद की किरण नजर आ रही है. दोनों देशों के बीच बातचीत का अगला दौर फिर से शुरू होने की चर्चाएं तेज हो गई हैं. खास बात यह है कि इस बार भी इस्लामाबाद इस कूटनीतिक प्रयास का केंद्र बन सकता है. भले ही आधिकारिक घोषणा अभी नहीं हुई हो, लेकिन हालात यह संकेत दे रहे हैं कि पर्दे के पीछे बड़ी तैयारी चल रही है.

पाकिस्तानी सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, हाल ही में अमेरिकी वायुसेना के भारी-भरकम C-17 ग्लोबमास्टर III विमान रावलपिंडी के नूर खान एयरबेस पर उतरे हैं. यह एयरबेस राजधानी इस्लामाबाद के बेहद करीब स्थित है. इसके साथ ही एयरबेस से रेड जोन तक जाने वाले रास्तों को कुछ समय के लिए बंद कर दिया गया है. यह कदम साफ तौर पर संकेत देता है कि सुरक्षा व्यवस्था को बेहद सख्त किया जा रहा है और किसी बड़े आयोजन की तैयारी चल रही है.

बड़े होटलों में तैयारियां

इस्लामाबाद के प्रमुख होटलों में भी गतिविधियां तेज हो गई हैं. खासतौर पर सेरेना होटल और मैरियट होटल को खाली कराया जा रहा है. यहां नई बुकिंग को फिलहाल रोक दिया गया है. गौरतलब है कि पहले दौर की बातचीत भी सेरेना होटल में ही आयोजित की गई थी. ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि आने वाली बैठक भी यहीं हो सकती है.

सीजफायर खत्म होने से पहले बढ़ी कूटनीतिक कोशिशें

दोनों देशों के बीच लागू युद्धविराम 21 अप्रैल को समाप्त हो रहा है. ऐसे में यह सवाल बना हुआ है कि इसे आगे बढ़ाया जाएगा या नहीं. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पहले ही संकेत दे चुके हैं कि वह इस सीजफायर को आगे बढ़ाने के पक्ष में नहीं हैं. इसी कारण बातचीत को लेकर तेजी देखी जा रही है, ताकि समय रहते कोई रास्ता निकाला जा सके.

पाकिस्तान बना दोनों देशों के बीच कड़ी

रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत भले ही सीधे तौर पर न हो रही हो, लेकिन पाकिस्तान के जरिए दोनों देशों का संपर्क बना हुआ है. सूत्रों का कहना है कि दोनों पक्ष बातचीत से पहले एक साझा समझ बनाने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि अगली बैठक में सकारात्मक परिणाम निकल सके.

ईरान का रुख और होर्मुज जलडमरूमध्य का मुद्दा

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने हाल ही में कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य को वाणिज्यिक जहाजों के लिए खोल दिया गया है. इसे एक सकारात्मक कदम के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि इससे क्षेत्र में तनाव कम करने का संकेत मिलता है और बातचीत के लिए माहौल बेहतर बन सकता है.

ट्रंप खुद पहुंच सकते हैं पाकिस्तान

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी इस पूरे घटनाक्रम पर सकारात्मक रुख दिखाया है. उन्होंने कहा कि अगर ईरान के साथ कोई समझौता होता है, तो वह खुद इस्लामाबाद आकर उस पर हस्ताक्षर कर सकते हैं. उन्होंने पाकिस्तान की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रक्रिया में उसका योगदान काफी महत्वपूर्ण रहा है.

मीडिया और प्रतिनिधिमंडलों के लिए तैयारियां

पाकिस्तानी अधिकारियों के मुताबिक, संभावित वार्ता को ध्यान में रखते हुए प्रतिनिधिमंडलों और मीडिया के लिए भी तैयारियां शुरू कर दी गई हैं. यह साफ संकेत है कि पाकिस्तान इस बैठक को सफल बनाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है और पूरी तरह तैयार है.

इससे पहले अप्रैल के दूसरे सप्ताह में इस्लामाबाद में दोनों देशों के बीच करीब 21 घंटे तक बातचीत चली थी. हालांकि उस बैठक में कोई ठोस नतीजा नहीं निकल पाया था. लेकिन पाकिस्तान की पहल पर 8 अप्रैल को दो हफ्तों का युद्धविराम लागू हुआ, जिसने आगे संवाद का रास्ता खोला.

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