US और Iran अधिकारी अलग-अलग कमरों में? पाकिस्तान में बातचीत का सस्पेंस, मिल रहे रिपोर्ट्स से मचा हलचल
पाकिस्तान दोनों स्थितियों के लिए पूरी तरह तैयार है. चाहे अमेरिका और ईरान के बीच सीधी बातचीत कराए, या दोनों देशों के बीच संदेशों का पुल बने.

अमेरिका और ईरान के बीच इस्लामाबाद में होने वाली अहम शांति वार्ता की तैयारियां अंतिम चरण में हैं. हालांकि बातचीत अप्रत्यक्ष रूप से होने की अधिक संभावना है, जिसमें दोनों पक्ष अलग-अलग कमरों में बैठेंगे और पाकिस्तानी अधिकारी प्रस्तावों को एक पक्ष से दूसरे पक्ष तक पहुंचाएंगे. कुछ रिपोर्ट्स में इसे 1979 के बाद दोनों देशों के बीच पहली उच्चस्तरीय प्रत्यक्ष वार्ता बताया जा रहा है. पाकिस्तान दोनों परिदृश्यों के लिए पूरी तरह तैयार है.
वार्ता का प्रारूप अभी भी अनिश्चित
समाचार एजेंसीयों के अनुसार, अधिकांश उम्मीद अप्रत्यक्ष वार्ता की है. एक रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष दोनों तरह की व्यवस्था के लिए तैयार है. कुछ अखबार ने इसे 1979 के बाद तेहरान और वाशिंगटन के बीच पहली प्रत्यक्ष उच्चस्तरीय वार्ता बताया है. अभी तक प्रारूप पर पूरी स्पष्टता नहीं है.
#BREAKING The Iranian and American delegations are expected to hold separate, individual meetings with Pakistani PM Shehbaz Sharif first. Once those initial diplomatic courtesies conclude, the main round of indirect negotiations will commence, according to reports.
— Mehr News Agency (@MehrnewsCom) April 11, 2026
दोनों प्रतिनिधिमंडल पहले PM शरीफ से मिलेंगे
ईरानी और अमेरिकी दोनों प्रतिनिधिमंडल पहले पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से अलग-अलग मुलाकात करेंगे. इन प्रारंभिक बैठकों के बाद ही मुख्य वार्ता शुरू होगी. मीडिया ने यह जानकारी दी है. अमेरिकी टीम की अगुवाई उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और ईरानी टीम की अगुवाई संसद स्पीकर मोहम्मद बाकिर गालिबाफ कर रहे हैं.
समय सारिणी अभी लचीली
दोनों टीमों के इस्लामाबाद पहुंचने के बावजूद वार्ता का कार्यक्रम अभी भी तरल है. ईरान की न्यूज एजेंसी के अनुसार, ईरानी प्रतिनिधिमंडल दोपहर में प्रधानमंत्री शरीफ से मिल सकता है. इसके बाद शनिवार को बाद में मुख्य वार्ता हो सकती है. तस्नीम ने उस रिपोर्ट को खारिज किया जिसमें कहा गया था कि वार्ता कई दिनों तक चल सकती है. ईरानी एजेंसी का कहना है कि अगर वार्ता होती है तो यह संभवतः सिर्फ एक दिन तक ही चलेगी.
Arrival of the US Delegation for Islamabad Talks pic.twitter.com/Hai19EZm4I
— Ministry of Foreign Affairs - Pakistan (@ForeignOfficePk) April 11, 2026
इस्लामाबाद पूरी तरह तैयार
पाकिस्तान ने दोनों पक्षों को बातचीत की मेज पर लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. पाकिस्तानी अधिकारियों ने नेविगेशन, परमाणु मुद्दों और अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर चर्चा के लिए विशेषज्ञों की टीम तैयार कर ली है. प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने स्थिति की कठिनाई को स्वीकार करते हुए कहा, आगे और भी कठिन दौर है. उन्होंने आगे कहा, यह वह दौर है जिसे ‘या तो बनाओ या बिगाड़ो’ के बराबर कहा जाता है.
क्षेत्रीय देशों की नजर
मिस्र, तुर्किये और चीन समेत क्षेत्रीय देश इस वार्ता पर बारीकी से नजर रखे हुए हैं. इन देशों ने मध्यस्थता में मदद की है. चीन को संभावित गारंटर के रूप में भी देखा जा रहा है, हालांकि उसकी भूमिका अभी स्पष्ट नहीं है. ईरान ने फिर दोहराया है कि जब तक उसकी शर्तें, खासकर लेबनान में सीजफायर नहीं मान लिया जाता, तब तक वार्ता आगे नहीं बढ़ेगी.


