नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य टकराव अब पहले से कहीं अधिक गंभीर होता दिखाई दे रहा है. दोनों देशों के बीच बढ़ते हमलों के बीच ईरान ने कई बड़े दावे किए हैं, जिनसे पूरे पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ गया है. ईरानी मीडिया का कहना है कि उसकी सेना ने अमेरिकी ड्रोन को मार गिराया है, जबकि होर्मुज जलडमरूमध्य के पास दो तेल टैंकरों में विस्फोट होने की भी खबर सामने आई है. हालांकि इन दावों की अमेरिका की ओर से अब तक आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है.
ईरान की सरकारी मीडिया और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के अनुसार, बुशेहर क्षेत्र के ऊपर उड़ान भर रहे अमेरिका के MQ-9 रीपर ड्रोन को निशाना बनाकर गिरा दिया गया. रिपोर्ट में दावा किया गया कि यह अत्याधुनिक ड्रोन कुछ ही क्षणों में पूरी तरह नष्ट हो गया. बताया गया कि इस ड्रोन की कीमत लगभग 3.4 करोड़ डॉलर थी. हालांकि अमेरिका ने अब तक इस घटना को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है. ऐसे में इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है.
ईरानी समाचार एजेंसियों ने यह भी दावा किया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य के दक्षिणी हिस्से में दो तेल टैंकर विस्फोट का शिकार हो गए. रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों जहाज कथित तौर पर बारूदी सुरंग वाले क्षेत्र में पहुंच गए थे, जहां विस्फोट के बाद उनमें भीषण आग लग गई. ईरानी नौसेना का कहना है कि उसने पहले ही इस समुद्री मार्ग से जहाजों को न गुजरने की चेतावनी दी थी, लेकिन संबंधित टैंकरों ने उस सलाह का पालन नहीं किया. ईरान का आरोप है कि अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के कारण यह इलाका बेहद असुरक्षित हो गया है.
ईरानी पक्ष का कहना है कि उसकी मिसाइलों और ड्रोन ने कुवैत और जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को भी निशाना बनाया. मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि जॉर्डन के मुवाफ़्फ़क साल्टी एयर बेस की ओर दागी गई मिसाइलें अमेरिकी एयर डिफेंस सिस्टम के बावजूद अपने लक्ष्य तक पहुंचीं. इन दावों पर भी अमेरिका या संबंधित देशों की ओर से किसी प्रकार की आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है.
दूसरी ओर, ईरानी मीडिया ने आरोप लगाया है कि अमेरिकी सेना ने ईरान के कई हिस्सों में हवाई हमले तेज कर दिए हैं. रिपोर्टों के अनुसार, अलग-अलग शहरों में विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं.
यज्द में कई धमाके: तसनीम समाचार एजेंसी के अनुसार, मध्य ईरान के यज्द प्रांत में एक के बाद एक कई तेज विस्फोट हुए. स्थानीय स्तर पर इन धमाकों के बाद सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई.
फार्स प्रांत भी बना निशाना: दक्षिण-पश्चिमी फार्स प्रांत के लास क्षेत्र के बाहरी इलाके में भी बड़े धमाकों की सूचना दी गई. हालांकि वहां हुए नुकसान का विस्तृत विवरण अभी सामने नहीं आया है.
अहवाज पर मिसाइल हमले का दावा: ईरानी मीडिया ने यह भी कहा कि खुज़ेस्तान प्रांत के प्रमुख शहर अहवाज पर अमेरिकी मिसाइलों से हमला किया गया. स्थानीय अधिकारियों के हवाले से दावा किया गया कि इस हमले के बाद कई इलाकों में सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हो गईं.
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल आपूर्ति मार्गों में से एक माना जाता है. ऐसे में इस क्षेत्र में बढ़ते तनाव का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर पड़ सकता है. तेल आपूर्ति बाधित होने की आशंका के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार की नजरें इस पूरे घटनाक्रम पर टिकी हुई हैं. फिलहाल अमेरिका ने ईरान के इन दावों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है. ड्रोन गिराए जाने, तेल टैंकरों में विस्फोट और विभिन्न शहरों में कथित हमलों की स्वतंत्र पुष्टि भी अभी तक नहीं हो सकी है. First Updated : Saturday, 18 July 2026