खामेनेई का बेटा मुझे मंजूर नहीं...ईरान के अगले सुप्रीम लीडर के चयन पर ट्रंप का बड़ा बयान

मिडिल ईस्ट में जंग के बीच नए सुप्रीम लीडर के चयन को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक इंटरव्यू में साफ तौर पर कह दिया कि ईरान के अगले सुप्रीम लीडर के रूप में मुझे खामेनेई का बेटा मंजूर नहीं है. उन्होंने कहा कि अगला लीडर चुनने के लिए मुझे शामिल होना पड़ेगा.

Utsav Singh
Edited By: Utsav Singh

नई दिल्ली : ईरान में 37 वर्षों तक शासन करने वाले अयातुल्ला अली खामेनेई की हवाई हमलों में मौत के बाद तेहरान में सत्ता का बड़ा शून्य पैदा हो गया है. 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद यह दूसरा मौका है जब देश को नया नेतृत्व चुनना है. इस बीच. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट कर दिया है कि उन्हें वंशानुगत शासन मंजूर नहीं है. ट्रंप ने नेतृत्व चयन की प्रक्रिया में अमेरिका को शामिल करने की मांग की है.

ट्रंप की दो टूक चेतावनी

आपको बता दें कि एक हालिया साक्षात्कार में डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के भविष्य पर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि अयातुल्ला के बेटे मोजतबा खामेनेई उन्हें ईरान के अगले सर्वोच्च नेता के रूप में मंजूर नहीं हैं. ट्रंप ने जोर देकर कहा कि वे ईरान में एक ऐसा चेहरा देखना चाहते हैं जो क्षेत्र में शांति और मेलजोल बढ़ाए. उन्होंने यह भी मांग की कि ईरान के नए नेतृत्व के चयन की प्रक्रिया में अमेरिका की महत्वपूर्ण भूमिका और भागीदारी शामिल होनी चाहिए.

मोजतबा उत्तराधिकार के सबसे प्रबल दावेदार

मोजतबा खामेनेई, जो अपने पिता के सबसे करीबी सहयोगियों में से एक रहे हैं. हालिया हवाई हमलों में बाल-बाल बच गए. ईरानी मौलवी संगठन और एलीट रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के साथ उनके बेहद मजबूत रिश्ते हैं. हालांकि, ईरान का संविधान लंबे समय से वंशानुगत शासन की आलोचना करता आया है. ऐसे में मोजतबा की दावेदारी पर न केवल अंतरराष्ट्रीय दबाव है, बल्कि ईरान के भीतर भी कट्टरपंथियों और सुधारवादियों के बीच एक वैचारिक युद्ध छिड़ा हुआ है. वे उत्तराधिकार के सबसे प्रबल दावेदार हैं.

88 सदस्यीय विशेषज्ञों के पैनल द्वारा चयन

ईरान के नए सर्वोच्च नेता का चुनाव 88 सदस्यीय विशेषज्ञों के पैनल द्वारा किया जाएगा. इस पैनल में अनुभवी शिया धर्मगुरु शामिल होते हैं. जिनकी उम्मीदवारी को गार्डियन काउंसिल पहले ही मंजूरी दे चुकी होती है. विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने संकेत दिए हैं कि नया उत्तराधिकारी इसी सप्ताह चुना जा सकता है. सर्वोच्च नेता का पद ईरान में सर्वोपरि है. क्योंकि परमाणु कार्यक्रम और युद्ध जैसे सभी महत्वपूर्ण नीतिगत फैसलों पर केवल उन्हीं का अंतिम निर्णय होता है. यह पद अत्यंत शक्तिशाली माना जाता है.

ट्रंप का हस्तक्षेप जटिल बना सकता

ईरानी नेतृत्व फिलहाल दोराहे पर खड़ा है. एक तरफ मोजतबा जैसा प्रभावशाली नाम है, तो दूसरी तरफ वंशानुगत सत्ता को लेकर इस्लामी क्रांति के आदर्शों का दबाव है. संभावित उम्मीदवारों की सूची में वे कट्टरपंथी भी शामिल हैं जो पश्चिम के साथ आर-पार की जंग चाहते हैं और वे सुधारवादी भी जो राजनयिक संबंधों को सुधारने के पक्षधर हैं. ट्रंप का हस्तक्षेप इस आंतरिक संघर्ष को और अधिक जटिल बना सकता है. जिससे क्षेत्र में नई अनिश्चितता पैदा हो गई है. यह राजनीतिक संकट काफी गहरा है.

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