Gold Silver Price Crash : भरभराकर गिरी चांदी की कीमत, एक झटके में 27,700 रुपये लुढ़की...सोना भी 7,600 रुपये आया नीचे

सराफा बाजार में गुरुवार को सोने और चांदी की कीमतों में ऐतिहासिक गिरावट दर्ज की गई. भारी मुनाफावसूली के कारण सोना 7,600 रुपये और चांदी 27,700 रुपये प्रति किलो तक टूटकर धड़ाम से गिर गई है.

Utsav Singh
Edited By: Utsav Singh

नई दिल्ली : देश की राजधानी दिल्ली के सराफा बाजार में होली के लंबे अवकाश के बाद जैसे ही गुरुवार को दोबारा कारोबार शुरू हुआ. निवेशकों के बीच भारी अफरा-तफरी और घबराहट का माहौल देखा गया. अखिल भारतीय सर्राफा संघ के अनुसार. हालिया दिनों में हुई भारी तेजी के बाद बाजार में बड़े पैमाने पर मुनाफावसूली की गई. सोने और चांदी की कीमतों में आई इस ऐतिहासिक गिरावट ने न केवल स्थानीय व्यापारियों को चौंकाया है. बल्कि सुरक्षित निवेश की तलाश कर रहे आम लोगों की चिंता भी काफी बढ़ा दी है.

सोने की कीमतों में भारी गिरावट

आपको बता दें कि दिल्ली के सराफा बाजार में गुरुवार को 99.9 फीसदी शुद्धता वाले सोने की कीमत में 4.4 प्रतिशत की जबरदस्त गिरावट दर्ज की गई. सोना 7.600 रुपये लुढ़ककर अब 1.65.200 रुपये प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड निचले स्तर पर आ गया है. जबकि पिछले कारोबारी सत्र में यह 1.72.800 रुपये पर बंद हुआ था. इस बड़ी गिरावट का मुख्य कारण निवेशकों द्वारा की गई भारी बिकवाली और घरेलू बाजार में भारतीय रुपये की मजबूती को माना जा रहा है. जिससे कीमतों पर दबाव बढ़ा है.

चांदी के भाव में बड़ी भरभराहट

चांदी की कीमतों में भी गुरुवार को जबरदस्त कोहराम देखने को मिला और इसके दाम बहुत तेजी से नीचे गिर गए. चांदी की कीमत 27.700 रुपये या 9.23 फीसदी की भारी गिरावट के साथ 2.72.300 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुँच गई है. लेमन मार्केट्स के रिसर्च एनालिस्ट गौरव गर्ग के अनुसार. बाजार में चांदी की कीमतों में पूरे दिन जबरदस्त उतार-चढ़ाव देखा गया. मुनाफावसूली का दबाव इतना अधिक था कि उसने भू-राजनीतिक तनाव से बढ़ी मांग को पूरी तरह से बेअसर कर दिया.

अंतरराष्ट्रीय बाजार का सुस्त रुख

वैश्विक स्तर पर भी सोने और चांदी की कीमतों में मिला-जुला और काफी अस्थिर असर देखने को मिला है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर सोना 12.60 डॉलर बढ़कर 5.153 डॉलर प्रति औंस पर पहुँच गया. लेकिन भारतीय बाजार में इसका प्रभाव उत्साहजनक नहीं रहा. एचडीएफसी सिक्योरिटीज के सौमिल गांधी का कहना है कि वैश्विक बाजारों में कमजोर रुख और नरम संकेतों ने घरेलू सराफा पर दबाव बनाया. इसके साथ ही मजबूत भारतीय रुपये ने भी स्थानीय कीमतों को नीचे धकेलने में अहम भूमिका निभाई है.

विशेषज्ञों का बाजार विश्लेषण

बाजार के विशेषज्ञों का मानना है कि वर्तमान में सोने की दिशा कई अंतरराष्ट्रीय कारकों पर निर्भर कर रही है. मिराए एसेट शेयरखान के प्रवीण सिंह के अनुसार. सोना इस समय अमेरिका के मजबूत आर्थिक आंकड़ों और बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच फंसा हुआ है. वहीं गौरव गर्ग का तर्क है कि अमेरिका. इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव से बढ़ी सुरक्षित निवेश की मांग को मुनाफावसूली ने खत्म कर दिया. निवेशकों के लिए यह बाजार अब भी अत्यधिक अनिश्चितता और जोखिम से भरा हुआ है.

मांग दब गई और कीमतों में गिरावट आई

होली के त्यौहार के कारण दिल्ली का सराफा बाजार मंगलवार और बुधवार को पूरी तरह बंद रहा था. दो दिनों की इस लंबी छुट्टी के बाद जैसे ही गुरुवार को बाजार खुला. निवेशकों ने ऊंचे स्तर पर मुनाफा कमाने के लिए बिकवाली शुरू कर दी. मुनाफावसूली का यह दौर इतना प्रभावी था कि मांग दब गई और कीमतों में गिरावट आई. आने वाले समय में बाजार की नजरें अमेरिकी आंकड़ों और अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक घटनाक्रमों पर टिकी रहेंगी. जो कीमतों की अगली दिशा और भविष्य को तय करेंगे.

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