तेल की भूख ने करवा दिया तख्तापलट! ट्रंप ने मादुरो और उनकी पत्नी गिरफ्तार कर दिया खास मैसेज

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को वेनेजुएला में हमला कर राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को गिरफ्तार कर लिया, जिसके बाद उन्होंने एक मैसेज दिया है.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 3 जनवरी 2026 को एक बड़ा सैन्य अभियान चलाकर वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को गिरफ्तार कर लिया. रात के समय काराकास में बड़े पैमाने पर हमले किए गए, जिसमें सैन्य ठिकानों पर बमबारी हुई. इसके बाद मादुरो दंपति को अमेरिका ले जाया गया, जहां उन पर ड्रग तस्करी और नार्को-टेररिज्म के आरोपों में मुकदमा चलेगा. 

ट्रंप ने इसे शांति बहाली का कदम बताया, लेकिन इसके पीछे वेनेजुएला के विशाल तेल भंडार की चाहत साफ दिखाई दे रही है. इस घटना ने दुनिया को एक मजबूत संदेश दे दिया है कि अमेरिका अपनी ताकत से किसी भी नेता को हटा सकता है.

रात का हमला और मादुरो की गिरफ्तारी

सुबह-सुबह ट्रंप ने सोशल मीडिया पर घोषणा की कि अमेरिकी सेना ने वेनेजुएला पर बड़ा हमला किया और मादुरो को पकड़ लिया. काराकास में विस्फोटों की आवाजें सुनाई दीं, सैन्य अड्डों पर आग लगी. अमेरिकी विशेष बलों ने मादुरो को उनके निवास से उठाया और उन्हें न्यूयॉर्क ले जाया गया. 

ट्रंप की प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि यह ऑपरेशन महीनों की योजना का नतीजा था. मादुरो पर अमेरिका लंबे समय से ड्रग्स कार्टेल चलाने का आरोप लगा रहा था. अब वे अमेरिकी अदालत में पेश होंगे. इस कार्रवाई से वेनेजुएला में अफरा-तफरी मच गई, जबकि विपक्षी नेता इसे आजादी की शुरुआत बता रहे हैं. 

तेल की भूख असली वजह ? 

ट्रंप ने साफ कहा कि वेनेजुएला का तेल उद्योग खराब हालत में है और मादुरो के समय में उत्पादन बहुत कम हो गया था. उन्होंने वादा किया कि अमेरिकी तेल कंपनियां अरबों डॉलर निवेश करेंगी, पुराने इंफ्रास्ट्रक्चर को ठीक करेंगी और बड़े पैमाने पर तेल निकालेगी. यह तेल दुनिया के कई देशों को बेचा जाएगा.

वेनेजुएला के पास दुनिया के सबसे बड़े तेल भंडार हैं, लेकिन सालों की संकट और प्रतिबंधों से उत्पादन गिर गया. ट्रंप ने कहा कि अब अमेरिका वेनेजुएला को चलाएगा, जब तक स्थिर सरकार नहीं बन जाती. कई विश्लेषक मानते हैं कि शांति या ड्रग्स के नाम पर यह कार्रवाई मुख्य रूप से तेल पर कब्जा करने की है. अमेरिकी कंपनियां पहले से ही वहां वापसी की तैयारी में हैं.

दुनिया को मजबूत चेतावनी

ट्रंप ने इस ऑपरेशन को हर उस नेता के लिए चेतावनी बताया जो अमेरिकी हितों को चुनौती देगा. उन्होंने कहा कि मादुरो जैसे तानाशाह अब नहीं चलेंगे और वेनेजुएला को अमीर, सुरक्षित और आजाद बनाया जाएगा. लेकिन दुनिया भर में प्रतिक्रियाएं मिली-जुली हैं. रूस, क्यूबा और ईरान ने इसे संप्रभुता का उल्लंघन बताया, जबकि कुछ लैटिन अमेरिकी देशों ने समर्थन किया.

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