96 वर्षों से यहां नहीं हुआ कोई बच्चा क्या आप जानते हैं इस देश का नाम 

दुनिया में एक ऐसा भी शहर है, जहां न तो कोई अस्पताल है और न ही दशकों से किसी बच्चे ने जन्म लिया है. यह शहर है वेटिकन सिटी — ईसाई धर्म के सबसे बड़े केंद्र का रहस्यमयी ठिकाना, जो रोम के बीचोंबीच बसा है.

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इंटरनेशनल न्यूज.  इंटरनेशनल न्यूज. इटली के दिल रोम में बसा वेटिकन सिटी दुनिया का सबसे छोटा और अनोखा देश है. सिर्फ़ 0.49 वर्ग किलोमीटर में फैला ये देश अपनी खास धार्मिक पहचान और व्यवस्था के लिए जाना जाता है. ईसाई धर्म के रोमन कैथोलिक समुदाय के लिए यह स्थान उतना ही पवित्र है जितना मक्का मुस्लिम समुदाय के लिए. दुनिया में शायद ही कोई ऐसा शहर हो जहां लगभग एक सदी से कोई शिशु जन्म न लिया हो. लेकिन वेटिकन सिटी इस मामले में अलग है. बताया जाता है कि पिछले 96 वर्षों से यहां किसी भी बच्चे का जन्म नहीं हुआ है. इसका कारण यह है कि यहां स्थायी रूप से रहने वाले अधिकतर लोग पादरी, नन या धार्मिक सेवा में जुड़े हुए लोग हैं, जो ब्रह्मचर्य का पालन करते हैं.

अस्पताल क्यों नहीं?

इतने पवित्र और व्यवस्थित शहर में एक अस्पताल न होना चौंकाने वाली बात है. हालांकि कई बार अस्पताल बनाने की सिफारिशें की गईं, लेकिन वेटिकन प्रशासन ने इन प्रस्तावों को अस्वीकार कर दिया. माना जाता है कि शहर की सीमित भूमि और धार्मिक शुद्धता की भावना के कारण ऐसा निर्णय लिया गया. इसके पीछे यह धारणा भी है कि किसी भी आपात स्थिति में नागरिक पास के रोम शहर में स्थित अस्पतालों का सहारा ले सकते हैं.

निवासियों से अधिक पर्यटक

वेटिकन की आबादी 800 से भी कम है, लेकिन हर साल लाखों पर्यटक यहां पहुंचते हैं. यहां पोप का निवास, सेंट पीटर्स बेसिलिका, सिस्टिन चैपल और वेटिकन म्यूज़ियम जैसे धार्मिक और ऐतिहासिक स्थल पर्यटकों को आकर्षित करते हैं.

रेल सेवा से सीमित संपर्क

इस सूक्ष्म राष्ट्र का बाहरी दुनिया से संपर्क मुख्य रूप से रेल सेवा के जरिए होता है. सड़क सीमित है और हवाई अड्डा तो यहां है ही नहीं. फिर भी वेटिकन सिटी वैश्विक धार्मिक और सांस्कृतिक प्रभाव में एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है.

धार्मिक शांति और अनुशासन का प्रतीक

वेटिकन सिटी एक उदाहरण है कि किसी शहर को सिर्फ़ भौतिक संसाधनों से नहीं, बल्कि विचारधारा, संस्कृति और अनुशासन से भी पहचाना जा सकता है. यहां जीवन का हर पहलू धर्म और सेवा से जुड़ा है, और यही इसकी सबसे बड़ी पहचान है. First Updated : Friday, 18 April 2025