Israel strikes Iran: ईरान और इजरायल के बीच तनाव चरम पर पहुंच चुका है. इजरायली डिफेंस फोर्स (IDF) ने शुक्रवार देर रात एक जबरदस्त हवाई हमला कर ईरान के कई अहम सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया. इस हमले में सबसे बड़ा टारगेट था तेहरान स्थित ऑर्गनाइजेशन ऑफ डिफेंसिव इनोवेशन एंड रिसर्च (SPND) जो ईरान के परमाणु हथियार कार्यक्रम का प्रमुख केंद्र माना जाता है.
IDF के अनुसार, यह अभियान अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई थी जिसमें 60 से अधिक फाइटर जेट्स और करीब 120 बमों का इस्तेमाल किया गया. इजरायली वायुसेना ने देशभर में फैले दर्जनों सामरिक ठिकानों पर हमले किए, जिनमें मिसाइल निर्माण इकाइयां और रॉकेट इंजन निर्माण के लिए आवश्यक कच्चे माल के संयंत्र भी शामिल थे.
इस अभियान में खास तौर पर तेहरान स्थित SPND मुख्यालय को निशाना बनाया गया. IDF ने पुष्टि की कि यह हमला सफल रहा. IDF ने अपने बयान में कहा, "IDF की ईरानी शासन के परमाणु हथियार कार्यक्रम को नुकसान पहुंचाने की गतिविधियों के तहत, तेहरान में स्थित SPND मुख्यालय को निशाना बनाकर हमला किया गया."
SPND ईरान की सैन्य संरचना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है. इसे 2011 में वैज्ञानिक मोहसिन फखरीजादेह द्वारा स्थापित किया गया था, जिन्हें ईरान के परमाणु हथियार कार्यक्रम का जनक माना जाता है. इस संस्थान को इजरायल लम्बे समय से तेहरान के परमाणु मंसूबों का केंद्र मानता रहा है.
IDF ने यह भी जानकारी दी कि, "एक ऐसे संयंत्र पर भी हमला किया गया जहाँ ईरानी शासन के परमाणु हथियार कार्यक्रम के लिए आवश्यक एक महत्वपूर्ण घटक तैयार किया जाता है." हालांकि इस स्थान के बारे में अधिक विवरण नहीं दिया गया.
यह हमला उस समय हुआ है जब ईरान और इजरायल के बीच खुले युद्ध की स्थिति दूसरे सप्ताह में प्रवेश कर चुकी है. पिछले शुक्रवार को इजरायल ने पहली बार हवाई हमले शुरू किए थे और साफ कहा था कि वह ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना चाहता है.
वहीं, ईरान ने मिसाइल और ड्रोन हमलों से जवाबी कार्रवाई की है और दावा किया है कि उसका परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह शांतिपूर्ण है.
यूरोपीय राजनयिक लगातार तेहरान से बातचीत की मेज पर लौटने की अपील कर रहे हैं. इस बीच, अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका इस संघर्ष में शामिल होगा या नहीं, इसका फैसला अगले दो हफ्तों में लिया जाएगा.
ईरानी अधिकारियों के अनुसार, अब तक इजरायली हमलों में 639 लोग मारे जा चुके हैं. यह आंकड़ा हालात की गंभीरता को दर्शाता है और आने वाले दिनों में संघर्ष और भी गहरा सकता है. First Updated : Friday, 20 June 2025