Rain of blood in Iran: ईरान में में 'खून की बारिश' वाला वीडियो कुछ दिनों पहले ही वायरल होना शुरू हुआ था, लेकिन इसे मूल रूप से 22 फरवरी को एक टूर गाइड ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट किया था. वायरल वीडियो में भारी बारिश के कारण लाल मिट्टी समुद्र तट पर बहकर आती दिखाई दे रही है. जानकारों का कहना है कि भारी बारिश के बाद लाल मिट्टी कटकर समुद्र के पानी में मिल जाती है. ऐसे में समुद्र का पानी भी लाल हो जाता है. इसी से जुड़े कई वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं.
टूर गाइड ने वीडियो साझा करने के साथ ही फारसी में जानकारी साझा की है. उन्होंने लिखा- "होर्मोज़ के प्रसिद्ध लाल समुद्र तट पर भारी बारिश की शुरुआत." उन्होंने कहा, "सेरासिमा के पर्यटकों को यह बारिश देखना अद्भुत लगता है." टूर गाइड ने 8 फरवरी को खून की बारिश का एक और ऐसा ही वीडियो भी साझा किया. उन्होंने लिखा, " आज रेड बीच पर भारी बारिश हुई . आज रेड बीच पर पर्यटकों की मौजूदगी अपने चरम पर थी."
वहीं कुछ लोगों ने इसे एक संदेहास्पद घटना करार दिया है. फिलहाल जानकारों का कहना है कि यह सिर्फ मौसम का परिवर्तन है, इसे देखकर आश्चर्यचकित नहीं होना चाहिए. फिर भी यह काफी आकर्षक है. यह अनोखा दृश्य इस क्षेत्र में एक विशेष प्रकार की मिट्टी की उपस्थिति का परिणाम है.
ईरानी पर्यटन बोर्ड के हवाले से सीएनएन के अनुसार, यह घटना मिट्टी में आयरन ऑक्साइड की उच्च सांद्रता के कारण होती है, जिससे यह चमकीला लाल हो जाता है. मिट्टी में मौजूद खनिज समुद्र के पानी के साथ मिल जाते हैं, जिससे समुद्र तट पर एक आकर्षक लाल चमक पैदा होती है.
यह घटना पूरे साल होती रहती है और ईरान में एक लोकप्रिय पर्यटक आकर्षण है. यह समुद्र तट होर्मुज जलडमरूमध्य में 'इंद्रधनुष द्वीप' में मौजूद है. इस वीडियो ने सोशल मीडिया पर काफी चर्चा बटोरी है. एक यूजर ने लिखा, "इस बीच ईरान में अस्पष्टीकृत 'रक्त वर्षा' का मतलब है कि भगवान नाराज हो रहे हैं."
"खून की बारिश! मैं तो बस मज़ाक कर रहा हूं; ऐसा तब होता है जब बारिश आयरन ऑक्साइड खनिजों से भरपूर लाल रेत पर गिरती है, जिससे खून की बारिश का भ्रम पैदा होता है," एक अन्य ने समझाया. मूल इंस्टाग्राम वीडियो पर एक यूजर ने लिखा, "भगवान की जय हो. क्या खूबसूरती है. वास्तव में, भगवान दोनों दुनियाओं के सबसे अच्छे चित्रकार हैं." एक अन्य ने मजाक में कहा, "क्या लाल रंग 40 यहीं से आता है?" First Updated : Thursday, 13 March 2025