पाक-अफगान सीमा पर भड़की जंग, सीजफायर खत्म होते ही गोलाबारी शुरू, 2 नागरिकों की मौत
पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा पर सीजफायर टूटते ही फिर खूनी हिंसा भड़क उठी. दोनों तरफ गोलीबारी में दो आम नागरिकों की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हुए. दोनों देश एक-दूसरे पर हमले का आरोप लगा रहे हैं.

नई दिल्ली: ईद-उल-फितर के मौके पर घोषित अस्थायी युद्धविराम खत्म होते ही अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच एक बार फिर से तनाव भड़क उठा है. पूर्वी अफगानिस्तान के सीमावर्ती इलाकों में बुधवार को हुई गोलाबारी और आर्टिलरी हमलों में कम से कम दो निर्दोष नागरिकों की जान चली गई, जबकि आठ अन्य घायल हो गए. इस घटना ने दोनों पड़ोसी देशों के बीच शांति की उम्मीदों पर फिर से पानी फेर दिया है.
तालिबान प्रशासन का आरोप है कि पाकिस्तानी सेना ने युद्धविराम की समय सीमा खत्म होते ही भारी गोलबारी शुरू कर दी. इस हमले में आम नागरिकों को नुकसान पहुंचा है, जिससे स्थानीय स्तर पर गुस्सा बढ़ गया है.
पाकिस्तानी हमले की जानकारी
अफगानिस्तान के कुनार प्रांत के सूचना विभाग के निदेशक जियाउर रहमान स्पीनघर ने बताया कि युद्धविराम समाप्त होते ही पाकिस्तानी सेना ने ‘नारई’ और ‘सरकानो’ जिलों में दर्जनों आर्टिलरी गोले दागे. इस हमले में दो आम नागरिकों की मौत हो गई और आठ अन्य लोग घायल हो गए. स्थानीय लोगों के अनुसार, गोले घरों और आसपास के इलाकों में गिरे, जिससे जान-माल का नुकसान हुआ.
अफगान बलों का पलटवार
जवाब में अफगान सीमा सुरक्षा बलों ने भी तुरंत पलटवार किया. तालिबान अधिकारियों का दावा है कि उन्होंने पाकिस्तान की तीन सैन्य चौकियों को पूरी तरह तबाह कर दिया है और इस कार्रवाई में एक पाकिस्तानी सैनिक की मौत भी हुई है. हालांकि, इन दावों की अभी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो पाई है. दोनों तरफ से लगाए जा रहे आरोपों के बीच सच्चाई का पता लगाना मुश्किल हो रहा है.
पाकिस्तान का आरोप
पाकिस्तान की सेना की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है. लेकिन उत्तर-पश्चिम पाकिस्तान के एक स्थानीय अधिकारी ने अफगान बलों पर कई क्षेत्रों में पहले गोलीबारी शुरू करने का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी सेना ने केवल जवाबी कार्रवाई की है. दोनों देशों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का यह सिलसिला सालों से जारी है.
युद्धविराम के बाद हिंसा
यह नई हिंसा उस अस्थायी समझौते के ठीक एक हफ्ते बाद हुई है, जिसमें सऊदी अरब, तुर्की और कतर की मध्यस्थता में दोनों पक्ष शत्रुता रोकने पर सहमत हुए थे. इससे पहले पाकिस्तान के हवाई हमलों में काबुल के एक ड्रग रिहैबिलिटेशन अस्पताल को निशाना बनाया गया था, जिसमें तालिबान सरकार ने 400 से अधिक लोगों के मारे जाने का दावा किया था. ऐसे में इस युद्धविराम को लेकर उम्मीदें पहले से ही कमजोर थीं.
टीटीपी का हमले फिर शुरू करने का ऐलान
सीमा पर बढ़ते तनाव के बीच प्रतिबंधित संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान ने भी ईद के तीन दिवसीय युद्धविराम के बाद पाकिस्तान के अंदर अपने हमले दोबारा शुरू करने की घोषणा कर दी है. TTP को अफगान तालिबान का सहयोगी संगठन माना जाता है. पाकिस्तान सरकार लगातार काबुल पर आरोप लगाती रही है कि अफगानिस्तान TTP के नेताओं और हजारों आतंकवादियों को पनाह दे रहा है, जो सीमा पार से पाकिस्तान में हमले करते हैं.
दोनों देशों के बीच यह सीमा विवाद लंबे समय से चला आ रहा है. विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जल्द ही कोई स्थायी समाधान नहीं निकला तो हिंसा और बढ़ सकती है, जिसका असर दोनों तरफ के आम नागरिकों पर पड़ेगा. फिलहाल दोनों पक्षों से सतर्कता बरतने की अपील की जा रही है, लेकिन स्थिति अभी भी तनावपूर्ण बनी हुई है.


