'ईरान डील 'जल्द' नहीं, बल्कि' समझौते को लेकर राष्ट्रपति ट्रंप के बाद व्हाइट हाउस का आया बयान

व्हाइट हाउस ने ईरान डील पर अपनी पहले की उम्मीद कम कर दी है. अब कहा गया है कि सुप्रीम लीडर की मंजूरी और कुछ महत्वपूर्ण बिंदुओं पर ‘बैक एंड फॉर्थ’ चलने के कारण डील को अंतिम रूप देने में कई दिन लग सकते हैं.

Sonee Srivastav

नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कल ही कहा था कि ईरान के साथ समझौता बहुत करीब है और जल्द ही इसके ब्योरे घोषित कर दिए जाएंगे, लेकिन अब व्हाइट हाउस ने अपनी इस आशावादी बात को कुछ हद तक कम कर दिया है.

एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी के हवाले से एक्सियोस ने बताया कि ईरान के साथ डील को तेहरान की लीडरशिप, खासकर सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई की मंजूरी मिलने में कई दिन लग सकते हैं. ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजश्कियान ने भी आज कहा कि इस्लामिक रिपब्लिक में कोई फैसला सुप्रीम लीडर की अनुमति के बिना नहीं लिया जाता.

ब्योरों पर चल रही है बहस

सीएनएन के अनुसार, एक सीनियर प्रशासनिक अधिकारी ने बताया कि समझौते के ब्योरे अभी भी बातचीत के दौर में हैं. इसलिए रविवार को कोई डील साइन होने की उम्मीद नहीं है. अधिकारी ने कहा कि दोनों देशों के बीच “विशेष बिंदुओं पर आगे-पीछे” चल रहा है. कुछ शब्दों पर अमेरिका को जोर है तो कुछ पर ईरान को. अधिकारी ने ईरान की फैसला लेने की प्रक्रिया को “धीमी और अस्पष्ट” बताया, जिसकी वजह से बातचीत में और कुछ दिन लग सकते हैं. 

एक्सियोस ने अधिकारी के हवाले से लिखा, “हमारी समझ है कि सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने डील के बड़े ढांचे को मंजूरी दे दी है, लेकिन क्या यह अंतिम समझौता बनेगा, यह अभी सवाल है. ”अनिश्चितता बनी हुई हैदोनों पक्षों ने प्रगति होने की बात कही है, लेकिन वे पूरी आशावादी नहीं हैं. 

ईरान की तस्नीम न्यूज एजेंसी ने चेतावनी दी कि अमेरिका की कुछ शर्तों के कारण डील बिगड़ भी सकती है. अमेरिकी अधिकारी भी मानते हैं कि डील अभी पूरी नहीं हुई है और यह टूट भी सकती है. एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “हम अच्छी जगह पर हैं, लेकिन डील को कमजोर करने के कई तरीके हैं.” राष्ट्रपति ट्रंप ने भी आज कहा कि उन्होंने अपने वार्ताकारों को निर्देश दिया है कि जल्दबाजी न करें. दोनों पक्षों को समय लेकर सही फैसला करना चाहिए.

परमाणु कार्यक्रम अहम मुद्दा

मुख्य मुद्दों में ईरान का परमाणु कार्यक्रम शामिल है. अमेरिकी अधिकारी का कहना है कि तेहरान ने सिद्धांत रूप में हॉर्मुज जलडमरूमध्य फिर से खोलने और अपने उच्च संवर्धित यूरेनियम के स्टॉक को निपटाने पर सहमति जताई है, लेकिन ईरान ने अभी इसकी पुष्टि नहीं की है.

तेहरान का कहना है कि इस चरण में परमाणु मुद्दा बातचीत का हिस्सा नहीं है. दोनों देश सावधानी बरतते हुए आगे बढ़ रहे हैं. फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि डील कब और कितनी मजबूती के साथ हो पाएगी.

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