दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित अखबारों में शुमार वॉशिंगटन पोस्ट ने बुधवार को एक बड़ी घोषणा की, जिसके तहत बड़े पैमाने पर छंटनी की गई. इस फैसले से अखबार का इंटरनेशनल डेस्क और स्पोर्ट्स डेस्क सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है, जहां स्पोर्ट्स डेस्क को पूरी तरह बंद कर दिया गया है और अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टिंग को काफी कम कर दिया गया है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कंपनी के लगभग एक तिहाई हिस्से को इस छंटनी की चपेट में आना पड़ा है, जिसने पत्रकारिता जगत में हलचल मचा दी है.
छंटनी की इस लहर में कई वरिष्ठ पत्रकारों को नौकरी से हाथ धोना पड़ा, जिनमें कांग्रेस सांसद शशि थरूर के बेटे और वॉशिंगटन पोस्ट के वरिष्ठ पत्रकार ईशान थरूर भी शामिल हैं. प्रभावित पत्रकारों ने सोशल मीडिया पर अपनी भावनाएं साझा कीं और अपने लंबे सफर को याद करते हुए दुख जताया, जिससे वैश्विक मीडिया में नौकरियों की असुरक्षा पर एक बार फिर बहस छिड़ गई है.
ईशान थरूर ने सोशल मीडिया पर खाली न्यूज़ रूम की तस्वीर साझा करते हुए इसे एक बुरा दिन बताया. उन्होंने लिखा कि वॉशिंगटन पोस्ट के साथ उनका 12 साल का सफर शानदार रहा और 2017 से 'वर्ल्डव्यू' कॉलम के जरिए लाखों पाठकों से जुड़ना उनके लिए सम्मान की बात थी. वे इंटरनेशनल स्टाफ के अधिकांश साथियों के साथ छंटनी की चपेट में आए हैं.
पोस्ट के यरुशलम ब्यूरो चीफ गेरी शिह ने भी अपना दुख और गर्व जाहिर किया. उन्होंने कहा, "पोस्ट के संवाददाता के रूप में काम करना मेरे लिए सौभाग्य की बात थी, और पिछले 7 से अधिक वर्षों तक मैंने उस अखबार के लिए दुनिया भर की यात्रा की जिस पर मुझे बहुत विश्वास था.
खोजी पत्रकार विल हॉब्सन ने X पर लिखा, "कुछ निजी खबर: आज वाशिंगटन पोस्ट से निकाले गए लोगों में मैं भी शामिल हूं." एक खोजी पत्रकार के रूप में 11 साल का यह सफर एक सपने जैसा था, जो खेल पर केंद्रित था." उन्होंने खेल जगत के प्रभावशाली लोगों की जवाबदेही तय करने को अपने लिए सपने जैसा अनुभव बताया.
एंइस छंटनी में दिल्ली, बीजिंग, कीव, लैटिन अमेरिका, काहिरा, यूक्रेन और बर्लिन जैसे महत्वपूर्ण ब्यूरो प्रमुख भी प्रभावित हुए हैं. इनमें काहिरा ब्यूरो प्रमुख क्लेयर पार्कर, विज़ुअल फोरेंसिक स्टाफ नीलो तबरीज़ी, यूक्रेन संवाददाता लिज़ी जॉनसन और बर्लिन ब्यूरो प्रमुख आरोन वीनर शामिल हैं. सभी ने अपने कार्यकाल पर भावनात्मक नोट्स साझा किए और अचानक आए इस संकट पर दुख व्यक्त किया.
यह बड़ी छंटनी वैश्विक मीडिया जगत में नौकरियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है. प्रभावित पत्रकारों ने अपने गर्व और यादों को साझा करते हुए बताया कि उन्होंने दुनिया भर में महत्वपूर्ण रिपोर्टिंग की, लेकिन अब यह सब बदलाव का सामना कर रहा है. First Updated : Thursday, 05 February 2026