क्या है ऑपरेशन बाम? जानें कैसे पाकिस्तान के बलूचिस्तान में आया संकट

बलूचिस्तान लिबरेशन फ्रंट (BLF) द्वारा समन्वित हमलों की एक श्रृंखला ने बलूचिस्तान में सरकारी सुविधाओं को निशाना बनाया, जिससे "ऑपरेशन बाम" की शुरुआत हुई है.

Goldi Rai
Edited By: Goldi Rai

Pakistan-Balochistan: पाकिस्तान के अशांत बलूचिस्तान प्रांत में मंगलवार रात एक के बाद एक कई सरकारी बंगलो पर विस्फोटों और हमलों की एक बड़ी श्रृंखला ने सुरक्षा बलों के हाथ-पांव फंसा दिए. बलूचिस्तान लिबरेशन फ्रंट (BLF) ने इन हमलों की जिम्मेदारी ली है और इसे "ऑपरेशन बाम" (डॉन) के तहत एक नई मुहिम के रूप में पेश किया है. पाकिस्तान के अधिकारियों ने लेकिन इन हमलों के पूरे पैमाने का खुलासा नहीं किया है, लेकिन मीडिया रिपोर्टों और स्थानीय सूत्रों के मुताबिक सैन्य चौकियों, संचार नेटवर्क और प्रशासनिक भवनों को भारी नुकसान हुआ है. मीडिया रिपोर्टों ने स्थानीय अधिकारियों के हवाले से बताया कि बलूचिस्तान के विभिन्न हिस्सों में हुए इन हमलों में कई लोग घायल हुए हैं. पाकिस्तानी अखबार के मुताबिक, घर के पिछवाड़े में हुए एक विस्फोट में हाजरा, महलाब, फातिमा, नाज गुल और मुहम्मद इब्राहिम गंभीर रूप से घायल हुए. उन्हें इलाज के लिए जिला अस्पताल तुर्बत में भर्ती कराया गया है.

ऑपरेशन बाम की घोषणा और BLF का संदेश

बीएलएफ के प्रवक्ता मेजर ग्वाहराम बलूच ने इन हमलों को बलूच राष्ट्रीय मुक्ति संघर्ष में एक नई सुबह के रूप में बताया. उनका कहना है कि यह अभियान मकरान तट से लेकर कोह-ए-सुलेमान पहाड़ों तक फैला हुआ है, और इसने पाकिस्तान के सुरक्षा बलों को एक संदेश दिया है कि बलूच स्वतंत्रता सेनानी बड़े और समन्वित अभियान चलाने में सक्षम हैं. मेजर ग्वाहराम ने एक प्रेस बयान में कहा, प्रतिरोध एक नए चरण में प्रवेश कर चुका है. ऑपरेशन बाम का उद्देश्य यह प्रदर्शित करना है कि बलूच लड़ाके विशाल भूगोल में बड़े पैमाने पर समन्वित अभियान चलाने में सक्षम हैं.

साथ ही बीएलएफ के प्रवक्ता ने आगे दावा किया कि यह समन्वित हमला पाकिस्तान के सुरक्षा बलों को "मानव और भौतिक क्षति" पहुँचाने के लिए विशेष रूप से योजनाबद्ध किया गया था. मेजर ग्वाहराम ने इस अभियान को "सावधानीपूर्वक समन्वित" करार देते हुए कहा कि इसके परिणामों की जानकारी ऑपरेशन समाप्त होने के बाद दी जाएगी.

बलूचिस्तान में बढ़ते तनाव और अलगाववादी गतिविधियाँ

इन हमलों से बलूचिस्तान प्रांत में चल रहे अलगाववादी तनाव और अशांति की एक और परत उभरकर सामने आई है. बीएलएफ ने पाकिस्तान सरकार पर आरोप लगाया है कि वह बलूचिस्तान के प्राकृतिक संसाधनों का दोहन कर रहा है और यहाँ के लोगों को उनके बुनियादी अधिकारों और सरकार से वंचित कर रहा है. इस समूह ने लंबे समय से पाकिस्तान सरकार के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखी है, और ये हमले उस संघर्ष का एक हिस्सा माने जा रहे हैं.बीएलएफ के हमले पाकिस्तान के लिए एक बड़ा सिरदर्द बनते जा रहे हैं, क्योंकि इन हमलों ने न सिर्फ सुरक्षा बलों की चुनौती को बढ़ाया है, बल्कि बलूचिस्तान में चल रही अस्थिरता को भी नए स्तर तक पहुँचाया है.

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