ईरान में बचाव मिशन के दौरान अमेरिका ने अपने ही विमान उड़ाए? ईरान ने साझा की तस्वीरें
ईरान में फंसे अमेरिकी पायलट को बचाने के लिए चलाए गए ऑपरेशन में बड़ा खुलासा हुआ है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी सेना को अपने ही कुछ विमानों को नष्ट करना पड़ा, जिस पर ईरान ने मलबे की तस्वीरें साझा कर तंज कसा है.

नई दिल्ली: ईरान में गिराए गए अमेरिकी लड़ाकू विमान के बाद चलाए गए बचाव अभियान को लेकर चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है. अमेरिकी सेना ने अपने एक अधिकारी को दुश्मन की सीमा से सुरक्षित निकाल लिया, लेकिन इस ऑपरेशन के दौरान उसे अपने ही कुछ विमानों को नष्ट करना पड़ा.
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस मिशन को सफल बताया और कहा कि इसमें कोई जानमाल का नुकसान नहीं हुआ, लेकिन रिपोर्ट्स इस ऑपरेशन को पूरी तरह नुकसानरहित नहीं मानतीं. बताया जा रहा है कि पीछे हटते समय अमेरिकी सेना को अपने संसाधनों की सुरक्षा के लिए बड़ा फैसला लेना पड़ा.
बचाव अभियान में शामिल थे विशेष विमान
रिपोर्ट के अनुसार, इस मिशन में एमसी-130जे जैसे विशेष परिवहन विमानों का इस्तेमाल किया गया, जो दुश्मन की सीमा में गुप्त तरीके से घुसपैठ और निकासी के लिए जाने जाते हैं. हालांकि ऑपरेशन के दौरान ये विमान किसी वजह से फंस गए थे, जिसकी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है.
अपने ही विमानों को नष्ट करना पड़ा
अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि इन विमानों को इसलिए नष्ट करना पड़ा ताकि वे ईरान के हाथ न लग सकें. यह फैसला रणनीतिक रूप से लिया गया, ताकि संवेदनशील तकनीक और सैन्य जानकारी लीक न हो.
ईरान ने साझा की मलबे की तस्वीर
इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए ईरानी संसद के अध्यक्ष ग़ालिबफ़ ने नष्ट हुए विमानों के मलबे की तस्वीर साझा की और अमेरिका पर तंज कसा. उन्होंने लिखा, "अगर संयुक्त राज्य अमेरिका को इस तरह की तीन और जीतें मिल गईं, तो वह पूरी तरह से बर्बाद हो जाएगा."
If the United States gets three more victories like this, it will be utterly ruined. 👏 pic.twitter.com/jutDghVrjz
— محمدباقر قالیباف | MB Ghalibaf (@mb_ghalibaf) April 5, 2026
दुश्मन के इलाके में 'साहसिक' ऑपरेशन
बचाए गए अधिकारी उस एफ-15ई लड़ाकू विमान के चालक दल का हिस्सा थे, जिसे ईरान ने मार गिराने का दावा किया था. इससे पहले एक अन्य पायलट को भी सुरक्षित निकाल लिया गया था.
ट्रंप ने कहा कि इस मिशन के लिए "सबसे घातक हथियारों से लैस दर्जनों विमान" भेजे गए थे.
सफलता के बाद उन्होंने उत्साहित होकर लिखा, "हमने उसे पकड़ लिया!" और इसे सैन्य इतिहास का अभूतपूर्व अभियान बताया.
पायलट की हालत स्थिर
राष्ट्रपति ट्रंप ने बताया कि बचाए गए अधिकारी को चोटें आई हैं, लेकिन उनकी हालत स्थिर है. उन्होंने कहा, "उन्हें चोटें आई हैं, लेकिन वे बिल्कुल ठीक हो जाएंगे."
इजरायल ने भी की मदद
एक इजरायली सुरक्षा सूत्र के अनुसार, इस अभियान में इजरायल ने अमेरिका के साथ खुफिया जानकारी साझा की और ऑपरेशन को सफल बनाने में सहयोग दिया.
ईरान का दावा- कई अमेरिकी विमान नष्ट
ईरानी मीडिया के मुताबिक, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि इस अभियान के दौरान कई अमेरिकी विमानों को नष्ट कर दिया गया.
बताया गया कि एक सी-130 परिवहन विमान और दो ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर भी इस दौरान तबाह हुए.
बढ़ सकता है नुकसान का आंकड़ा
रिपोर्ट्स के अनुसार, अब तक इस संघर्ष में कई अमेरिकी विमान नष्ट हो चुके हैं. यदि ईरान के ताजा दावों की पुष्टि होती है, तो यह संख्या और बढ़ सकती है, जो अमेरिका के लिए बड़ा झटका साबित होगा.


